सुल्तानपुर। कोरोना संक्रमण की वजह से तीन माह से बंद परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के ताले गुरुवार से खुलेंगे। सभी शिक्षकों, अनुदेशकों, शिक्षामित्रों एवं शिक्षणेतर कर्मियों की उपस्थिति विद्यालय में अनिवार्य की गई है। बच्चों के लिए विद्यालय में आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।
मार्च में होली के बाद कोरोना संक्रमण की रफ्तार में तेजी आई थी। इसकी वजह से विद्यालयों में शिक्षकों एवं शिक्षणेतर कर्मियों का आवागमन रोक दिया गया था। पंचायत चुनाव बीतने एवं ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद पहली जुलाई से विद्यालय शिक्षकों के लिए खोलने का निर्देश शासन ने दिया है। करीब तीन माह बाद एक बार फिर विद्यालयों के ताले खुलेंगे।
विद्यालयों में उपस्थित होकर शिक्षक कार्यालयीय कार्य निपटाएंगे। साथ ही छात्र-छात्राओं के नवीन नामांकन पर काम करेंगे। ऑपरेशन कायाकल्प के कार्यों को भी पूर्ण कराने की जिम्मेदारी शिक्षकों को दी गई है। परिसर की साफ-सफाई, एमडीएम कन्वर्जन कॉस्ट की डीबीटी तथा खाद्यान्न वितरण का भी काम प्राथमिकता के तौर पर कराया जाएगा। प्रेरणा पोर्टल पर डाटा अपडेशन कराने का भी निर्देश बीएसए ने दिया है।
बीएसए दीवान सिंह यादव ने बताया कि एक से चार जुलाई तक बच्चों के प्रवेश के लिए विशेष नामांकन अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, संकुल शिक्षकों, एआरपी और एसआरजी को लगाया गया है। सभी खंड शिक्षाधिकारी अपने क्षेत्र के विद्यालयों में होने वाले नामांकन की प्रगति को तीव्रता प्रदान करने में सहयोग करेंगे।