लंभुआ (सुल्तानपुर)। मुख्यमंत्री कोष से इलाज के लिए एक मरीज को मदद दिलाने के लिए लेखपाल ने उसकी मौत के बाद रिपोर्ट लगा दी।
अस्पताल के खाते में सीएम विवेकाधीन कोष से पैसा पहुंचने के बाद मरीज नहीं मिलने पर अस्पताल ने इसकी सूचना दी। छानबीन में मरीज की मौत के बाद रिपोर्ट लगाने का मामला प्रकाश में आने पर एसडीएम ने लेखपाल को निलंबित कर दिया है।
गंभीर बीमारी से जूझ रहे कस्बा निवासी अरुण कुमार कसौंधन (38) को करीब पांच माह पहले 22 नवंबर को राजधानी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज का खर्च नहीं उठा पाने पर अरुण की पत्नी ने पति के इलाज के लिए सीएम विवेकाधीन कोष से मदद के लिए आवेदन किया था।
इस बीच 27 नवंबर को ही अरुण की मौत हो गई। आवेदन की वजह से तहसील से इसका सत्यापन कराया गया। चार फरवरी 2021 को स्थानीय एसडीएम दफ्तर से अरुण के मदद की पत्रावली लेखपाल को मिली।
आरोप है कि बिना मौके पर गए लेखपाल मोतीलाल ने अरुण को इलाज में मदद के लिए अपनी रिपोर्ट लगा दी। लेखपाल की रिपोर्ट पर एसडीएम दफ्तर से रिपोर्ट सीएम कार्यालय भेज दी गई। रिपोर्ट पर सीएम कोष से अस्पताल को मरीज के इलाज के लिए राशि भेज दी गई।
धनराशि पहुंचने पर पता चला कि इस नाम का मरीज मौके पर है ही नहीं। सूचना पर स्वास्थ्य महकमे ने जांच की तो पता चला कि अरुण की मौत 27 नवंबर को ही हो गई।
स्वास्थ्य विभाग ने इसकी रिपोर्ट एसडीएम को दी। सूचना मिलने पर एसडीएम राम अवतार ने लेखपाल मोतीलाल को निलंबित कर दिया। एसडीएम ने बताया कि गड़बड़ी करने के मामले में लेखपाल को निलंबित किया गया है।