गौरीगंज। शासन की ओर से जन शिकायतों के निस्तारण के लिए संचालित आईजीआरएस पोर्टल पर संदर्भित शिकायतें निस्तारित नहीं करना जिले के 93 अफसरों को भारी पड़ा।
समीक्षा के दौरान मामला प्रकाश में आने पर डीएम ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी की है। नोटिस में तत्काल लंबित शिकायतों को गुण-दोष के आधार पर निस्तारित करते हुए साक्ष्य समेत जवाब मांगा है।
डीएम ने शिकायतें निस्तारित नहीं होने तथा जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जनशिकायतों के निस्तारण के लिए प्रदेश सरकार की ओर संचालित दैनिक अनुश्रवण प्रणाली पोर्टल पर मुख्यमंत्री के साथ अन्य अधिकारियों की ओर से संदर्भित शिकायतों का डेडलाइन में निस्तारण नहीं करना जिले के 93 अफसरों को भारी पड़ा।
डीएम प्रशांत शर्मा ने पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायतों के निस्तारण व प्रगति की समीक्षा की तो जिले के 93 अफसरों के स्तर पर बड़ी संख्या में शिकायतें अनिस्तारित व डिफॉल्टर श्रेणी की मिलीं।
अफसरों की ओर से शिकायतों के निस्तारण में बरती जा रही लापरवाही से नाराज डीएम ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी की है। नोटिस में लंबित शिकायतों का ब्यौरा देते हुए दो दिन में शिकायतों का निस्तारण गुण दोष के आधार पर करने के साथ शिकायतकर्ता से संतुष्टि प्रमाण पत्र लेते हुए समुचित जवाब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
डीएम ने पोर्टल पर लंबित शिकायतें निस्तारित नहीं होने तथा जवाब से संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में कार्रवाई की चेतावनी दी है। डीएम की ओर से जारी नोटिस सार्वजनिक होने के बाद संबंधित विभागों में हड़कंप मचा है।