अमेठी। भरत मिलाप में प्रशासन की ओर से डीजे बजाने पर प्रतिबंध लगाने से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सभी कमेटियों के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और विरोध जताते हुए भरत मिलाप के आयोजन का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। एएसपी और एडीएम के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ।
शहर में पिछले पांच दशकों से भरत मिलाप का आयोजन लगातार होता आ रहा है। परंपरा के मुताबिक दशहरा के दूसरे दिन रात में भरत मिलाप का आयोजन और सुबह झांकियों की प्रतियोगिता होती है।
बुधवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया जब प्रशासन ने न्यायालय के आदेश को लेकर डीजे बजाने पर पूरी तरह कड़ा रुख अख्तियार कर लिया। प्रशासन के कड़ा रुख अख्तियार करने के बाद रामलीला समिति, दुर्गापूजा संचालन समिति, व्यापार मंडल सहित तमाम कमेटियों के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे गए।
प्रशासन के रुख से आक्रोशित कमेटी के पदाधिकारियों ने बैठक कर कार्रवाई का विरोध किया। सूचना मिलते ही अपर जिलाधिकारी वंदिता श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक दयाराम, एसडीएम राम शंकर, सीओ पीयूषकांत राय सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
बंद कमरे में अधिकारियों ने कमेटी के पदाधिकारियों से बात की। उसके बाद कमेटी के पदाधिकारी भरत मिलाप कार्यक्रम को करने के लिए तैयार हुए। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि बात हो गई है।
सभी लोग संतुष्ट है। कार्यक्रम होगा। हालांकि किस बात पर समिति के पदाधिकारी राजी हुए उसे उन्होंने साफ नहीं किया। सीओ पीयूषकांत राय ने बताया कि परंपरा के अनुसार भरत मिलाप का कार्यक्रम होगा।