सुल्तानपुर। किशोरी (17) से दुष्कर्म के मामले में स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट नीरज श्रीवास्तव की अदालत ने बुधवार को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी प्रमेंद्र कुमार को दुष्कर्म के आरोप में बरी कर दिया है, जबकि घर में घुसकर छेड़खानी के अपराध में दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को जेल भेजने का आदेश देते हुए सजा पर सुनवाई के लिए आठ अक्तूबर की तारीख तय की है।
अमेठी जिले के जगदीशपुर के एक गांव की रहने वाले किशोरी के पिता ने 14 मई 2017 को स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वादी के मुताबिक, उनकी पुत्री घटना के दिन घर पर अकेली थी। इसी दौरान स्थानीय थाने का रहने वाला आरोपी प्रमेंद्र ने उनकी पुत्री के साथ छेड़छाड़ किया था। आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
विवेचना के दौरान आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म व पाॅक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं की बढ़ोतरी हुई। इस मामले का ट्रायल स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट नीरज कुमार श्रीवास्तव की अदालत में चला। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में अभियुक्त को दुष्कर्म के आरोप में दोषमुक्त व छेड़खानी व पाॅक्सो एक्ट सहित अन्य अपराध में दोषी मानते हुए जेल भेजने का आदेश दिया है। अदालत ने दोषी की सजा पर सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार का दिन तय किया है।