सुल्तानपुर। वीबीजी रामजी योजना (मनरेगा) के तहत चालू वित्तीय वर्ष में 67.01 लाख मानवदिवस सृजित किए जाएंगे। इसके लिए 2.80 अरब रुपये की कार्ययोजना बनाई गई है। धनराशि से एक परिवार को सालभर में 125 दिन का रोजगार दिया जाएगा। जिससे जॉब कार्डधारकों की जरूरतें पूरी हो सकेंगी।
केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा का नाम बदलने के साथ ही कुछ परिवर्तन किए गए हैं। शासन ने 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कार्यदिवस कर दिया है। अभी तक 20,204 परियोजनाओं को शामिल किया गया है। विकास विभाग ने कार्ययोजना की स्वीकृति के लिए मार्च में विकास आयुक्त को भेज दिया। अधिकारियों के मुताबिक अभी तक कार्ययोजना स्वीकृत नहीं हुई है, लेकिन योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में कार्य कराए जाएंगे। विकास विभाग ने सामग्री व्यय व श्रमांश का निर्धारण कर दिया है। इसके तहत खड़ंजा, नाली, आंगनबाड़ी केंद्र, पीडीएस मॉडल शॉप, खेल मैदान सहित अन्य कार्य कराए जाएंगे। सोमवार से इसके तहत कार्य शुरू होने के आसार हैं।
1.68 अरब श्रमांश और 1.12 अरब सामग्री पर होंगे खर्च
वीबीजी रामजी योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में 1.68 अरब श्रमांश पर खर्च किए जाएंगे। मांग करने वालों को रोजगार दिया जाएगा। मनरेगा उपायुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि सामग्री पर 1.12 अरब रुपये व्यय होंगे। विकास आयुक्त को चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना भेज दी गई है।