जामा मस्जिद अमहट में आयोजित महफिल में मौजूद लोग। स्रोत-सोशल मीडिया
सुल्तानपुर। ईद-ए-गदीर पर शुक्रवार को जिले के विभिन्न शिया बहुल क्षेत्रों में जश्न मनाया गया। अमहट, गोराबारिक, तुराबखानी, हसनपुर, मनियारपुर, जूड़ूपुर, प्रतापपुर, खैराबाद, हयातनगर, कोटवा, सुरौली, इसौली सहित कई गांवों और कस्बों में महफिलें आयोजित की गईं। साथ ही लोगों के बीच मिठाइयां वितरित की गईं।
अमहट स्थित जामा मस्जिद गोराबारिक में सुबह आमाल-ए-गदीर का आयोजन हुआ। स्टॉल लगाकर राहगीरों को फल और मिठाइयां बांटी गईं। हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास खान ने बताया कि रात में तनजीमे हैदरी गोराबारिक अमहट की ओर से जामा मस्जिद के सामने आयोजित महफिल में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। शुरुआत मौलाना फरमान अली ने तिलावत-ए-कुरआन से की। मुख्य वक्ता लखनऊ से आए मौलाना अब्बास इरशाद नकवी ने कहा कि गदीर-ए-खुम के मैदान में पैगंबर हजरत मोहम्मद ने अपने अंतिम हज से लौटते समय अल्लाह के हुक्म से हजरत अली (अलैहिस्सलाम) को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। इस दौरान मारूफ सिरसवी, बेताब हल्लौरी, नदीम असगर बिजनौरी, नगमी केरतपुरी और तकी नौगवी ने कसीदे पेश किए। कार्यक्रम का संचालन अहमद रजा बिजनौरी ने किया।