सुल्तानपुर। पत्नी पर जानलेवा हमला करने के मामले में जेल में निरुद्ध आरोपी पति को अदालत से जमानत नहीं मिल पाई। एडीजे द्वितीय जितेंद्र कुमार पांडेय ने अपराध को गंभीर मानते हुए आरोपी पति की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामला चांदा थाने के हनुमाननगर कोइरीपुर से जुड़ा है।
गांव निवासी अहमद हसन उर्फ विप्पू की पत्नी रोशन आरा ने 20 सितंबर 2014 को चांदा थाने में पति अहमद हसन व इलाहाबाद जिले के हंडिया थाने के मर्रा निवासी सानिया उर्फ शहजादी के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। रोशन आरा का आरोप है कि उसके पति अहमद हसन ने सानिया उर्फ शहजादी से निकाह कर लिया है। अहमद हसन 19 सितंबर 2014 को सानिया उर्फ शहजादी के साथ अपने घर आया और रोशन आरा को घर से निकल जाने के लिए कहने लगा। घर से निकलने से मना करने पर अहमद हसन व सानिया उर्फ शहजादी ने रोशन आरा को मारपीट कर चोटें पहुंचाई थी। आरोप है कि दोनों आरोपियों ने रस्सी से रोशन आरा का गला कसकर उसे जान से मारने की कोशिश की थी। आरोपी अहमद हसन जेल में निरुद्ध है। आरोपी की जमानत अर्जी का सरकारी वकील रमेश चंद्र मिश्र व वेदप्रकाश पांडेय ने विरोध किया। एडीजे द्वितीय जितेंद्र कुमार पांडेय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपराध गंभीर मानते हुए अहमद हसन की जमानत अर्जी खारिज कर दी।