धनपतगंज/कूरेभार (सुल्तानपुर)। एएनएम की लापरवाही से सीएचसी में भर्ती प्रसव पीड़िता की गर्भस्थ शिशु समेत मौत हो गई। नाराज ग्रामीणों ने हलियापुर-कूरेभार मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने एक रोडवेज बस को क्षतिग्रस्त कर दिया। घंटों चले प्रदर्शन के बाद पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की तब जाकर मामला शांत हुआ। पुलिस ने पति की तहरीर पर आरोपी एएनएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
कूरेभार थाना क्षेत्र के मायंग गांव निवासी मोहनलाल की पत्नी दुर्गावती गर्भवती थी। शुक्रवार सुबह दुर्गावती को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो परिवार वाले उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनपतगंज पहुंचे। उस समय सीएचसी में एक भी एएनएम और स्टाफ नर्स ड्यूटी पर मौजूद नहीं थीं। बाद में एएनएम ओम प्रभा सीएचसी पहुंचीं और दुर्गावती को भर्ती करने के बाद उसे कई इंजेक्शन लगा दिए, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। परिवारीजन उसे लेकर जिला अस्पताल जाने लगे तो एएनएम ओम प्रभा ने दुर्गावती को रोक लिया। आरोप है कि एएनएम ने परिवारीजनों से इलाज के नाम पर रुपये की मांग की। परिवारीजनों ने रुपये देने में असमर्थता जताई तो एएनएम ने दुर्गावती को करीब तीन-चार घंटे तक ही सीएचसी पर रोके रखा। इसी दौरान दुर्गावती और गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। इससे नाराज ग्रामीणों ने शनिवार सुबह करीब नौ बजे धनपतगंज बाजार में हलियापुर-कूरेभार मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी दौरान सुल्तानपुर से लखनऊ की तरफ जा रहीं रोडवेज बस को ग्रामीणों ने पत्थरबाजी कर तोड़ दिया। सूचना पर एडीएम वित्त एवं राजस्व जेपी तिवारी, सीओ सिटी सिद्धार्थ, सीएमओ डॉ. केबी सिंह, तहसीलदार केडी यादव, एसओ कूरेभार मधुपनाथ मिश्र पुलिस टीम के साथ वहां पहुंच गए। एडीएम ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये आर्थिक मदद देने की घोषणा करते हुए घटना में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया, तब जाकर लोग शांत हुए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। एसओ मधुपनाथ मिश्र ने बताया कि मृतका के पति की तहरीर पर आरोपी एएनएम ओम प्रभा राय के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है।