सुल्तानपुर। केंद्र सरकार ने इंदिरा आवास के साथ राज्य की अन्य आवासीय योजनाओं में मनरेगा का अंश भी शामिल कर दिया है। यदि इंदिरा आवास या फिर राज्य की अन्य आवासीय योजना का पात्र जॉबकार्ड धारक है तो उसे नई व्यवस्था के तहत करीब 15 हजार रुपये का फायदा होगा। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद शासन ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। नई व्यवस्था से जॉबकार्ड धारकों के आवास निर्माण में और सहूलियत हो गई है।
मनरेगा को प्रभावशाली बनाने में जुटी केंद्र सरकार ने आवास निर्माण में कुछ शर्तों के साथ इसके अंश को शामिल कर लिया है। नई व्यवस्था के तहत यदि इंदिरा आवास या फिर राज्य की अन्य आवासीय योजना का पात्र जॉबकार्ड धारक है तो वह स्वयं अपने आवास के निर्माण में 90 दिन की मजूदरी कर सकता है। जॉबकार्ड धारक अपने आवास के निर्माण में मजदूरी तो करेगा लेकिन उसका भुगतान मनरेगा से होगा। केंद्र ने इसमें एक और छूट दी है। यदि जॉब कार्ड धारक निशक्त या फिर 60 वर्ष से अधिक आयु का है तो वह अपने बदले किसी दूसरे से जॉब कार्डधारक को आवास निर्माण में 90 दिन तक लगा सकता है। इसका भी भुगतान मनरेगा से ही होगा। मनरेगा से 90 दिन मजदूरी का भुगतान एक जॉबकार्ड धारक को किए जाने की व्यवस्था से आवास के लाभार्थी को करीब 15 हजार रुपये का अतिरिक्त फायदा होगा। ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक फूलचंद्र जायसवाल ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर शासन ने पत्र जारी कर दिया है।