सुल्तानपुर। स्थानीय स्टेशन के यार्ड की चार रेल पटरियां नए सिरे से बिछाई जाएंगी। कई टर्न-आउट इंजीनियरों की निगरानी में बदले जाएंगे। दो वर्ष पूर्व लगाए गए स्वचालित सिग्नलों की पोजीशन भी लखनऊ की तर्ज पर की जाएगी। बड़ौदा हाउस से आए चीफ इंजीनियर जनरल ने शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान इंजीनियरों को ये दिशा-निर्देश दिए।
चालू रेलपथ लखनऊ-वाराणसी रेलखंड के चीफ इंजीनियर जनरल राजेश अग्रवाल शुक्रवार शाम सड़क मार्ग से सुल्तानपुर जंक्शन पहुंचे। स्टेशन क्षेत्र में मौजूद सहायक मंडल अभियंता आरएल सचान से उन्होंनेे रूट फिटनेस के कार्यों की समीक्षा की। रेलगाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने के चल रहे प्रयास पर सीनियर सेक्शन इंजीनियरों को दिशा-निर्देश दिए। जल्द यार्ड रिमॉडलिंग शुरू किए जाने की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि लाइन संख्या पांच से नौ के बीच की सभी पटरियों को उखाड़कर नए सिरे से बिछाया जाए। दो लाइनों के बीच स्थान बढ़ाने के लिए एक ट्रैक को खत्म करने का उन्होंने निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यार्ड में नए कंक्रीट के स्लीपरों पर ही जोड़ मुक्त ट्रैक बिछाया जाएगा। सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियरों को उन्होंने संकेतकों की मौजूदा स्थिति बदलते हुए तैयार खाके के मुताबिक पोजीशन देने को कहा।