गौरीगंज। शहर स्थित ब्लॉक सभागार में रविवार को आयोजित ‘अमर उजाला सरोकार’ कार्यक्रम में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आए किसानों ने अपने विचार रखे। मौजूदा राजनीतिक व प्रशासनिक व्यवस्था से खिन्न अन्नदाताओं का कहना था कि हमारा सांसद ऐसा हो जो बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से निजात दिलवा सके। इस मौके पर किसानों ने राजनेताओं पर अपनी उपेक्षा का आरोप भी मढ़ा। कहा, किसानों को न तो समय पर खाद, बीज, बिजली और पानी मिलता है न ही सरकारी योजनाओं का लाभ। किसानों की परिचर्चा में जर्जर सड़कों को दुरुस्त कराने, रैक पॉइंट की स्थापना कराने, चीनी मिल खुलवाने, गन्ने के साथ ही फल, फूल व सब्जी की खेती को बढ़ावा देने की भी मांग की गई। किसानों का कहना था कि हमें अपना हक हासिल हो सके इसके लिए हमको भी अपनी जिम्मेदारियां समझनी होंगी।
रविवार को ब्लॉक सभागार में आयोजित ‘अमर उजाला सरोकार’ के फोकस ग्रुप कार्यक्रम में जिले के अलग-अलग हिस्सों से किसानों को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में पहुंचे किसानों में व्यवस्था के प्रति असंतोष दिखा। उनका कहना था कि कृषि प्रधान जिला होने के बावजूद यहां के किसानों को कोई सुविधा नहीं मिलती। न तो समय पर पानी मिलता है और न ही विद्युत आपूर्ति। खाद और बीज भी तब मिलता है जब बुआई का समय समाप्त होने वाला होता है। रैक पॉइंट नहीं होने से किसानों को खाद के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। किसानों को कीटनाशक के प्रयोग की जानकारी नहीं है तो सरकार की ओर से इसके प्रशिक्षण का कोई इंतजाम भी नहीं किया जाता। वनरोज व सूकर किसानों की मेहनत से उपजाई फसलें चट कर जाते हैं। उन्हें अपना हक पाने के लिए तहसील व कलेक्ट्रेट के चक्कर लगाने पड़ते हैं। किसानों को क्रय केंद्र की कमी के चलते अपनी उपज व्यापारियों को औने-पौने दाम पर बेचनी पड़ती है। सिल्ट सफाई में होने वाली अनियमितता से कभी भी नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुंचता। किसानों ने कहा कि उनका सांसद ऐसा हो जो उन्हें बुनियादी सुविधाएं दिलाने के साथ ही उनके हर सुख दुख में उनका सहभागी बने। अभी तक किसी भी सांसद ने उनकी समस्याएं प्रमुखता से संसद मंे नहीं उठाई जिसकी पीड़ा उनको हमेशा रही।