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एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा

Sun, 09 Mar 2014 05:30 AM IST
Sultanpur
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सुल्तानपुर। पटना से शनिवार सुबह में एनडीआरएफ (नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) के 50 जवान शहर पहुंचे। टीम ने घटना स्थल के ठीक बगल स्थित धार्मिक भवन को बचाने और मलबे में दबे मजदूर को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। एहतियात के तौर पर जिला प्रशासन ने घटना स्थल को सील कर दिया है।
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कोतवाली नगर क्षेत्र के बाधमंडी चौराहे के समीप बीते बुधवार की दोपहर निर्माणाधीन कांप्लेक्स के बेसमेंट में काम करते समय मिट्टी का टीला ढह गया था। उसके मलबे में दब कर दो मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि एक मजदूर को जिंदा बचा लिया गया था। मलबे से बाहर निकले मजदूर ने पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी थी कि अभी भी मलबे में एक मजदूर दबा है। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने फायर विभाग के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली थी। इस दौरान बगल स्थित एक धार्मिक भवन के गिरने का खतरा पैदा हो गया। आखिरकार जिलाधिकारी ने थक-हारकर सेना और एनडीआरएफ की मदद मांगी। जिला प्रशासन की मांग पर शासन ने शुक्रवार की दोपहर बिहार के पटना में स्थित एनडीआरएफ (नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) को रेस्क्यू ऑपरेशन की जिम्मेदारी सौंपी। शनिवार की भोर में करीब चार बजे एनडीआरएफ के नौवीं वाहिनी के इंस्पेक्टर कौशल कुमार के नेतृत्व में करीब 50 जवान जिले में पहुंचे। टीम के सदस्यों ने सुबह छह बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने घटना स्थल के ठीक बगल स्थित एक धार्मिक भवन को सुरक्षित करने के लिए सबसे पहले बिजली के खंभे को पिलर बनाकर खड़ा करना शुरू किया। देर शाम तक एनडीआरएफ की टीम बेसमेंट में पिलर का जाल बनाने में जुटी रही। टीम के सदस्य ओमप्रकाश ने बताया कि धार्मिक भवन को सुरक्षित करने के बाद मजदूर को निकालने का अभियान चलाया जाएगा। उनकी मानें तो करीब 30 घंटे में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो जाएगा।
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