सुल्तानपुर। पत्नी को गुजारा भत्ता नहीं देने के एक मामले में कोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश संजीव यादव ने पति की कृषि योग्य भूमि कुर्क करने का आदेश डीएम को दिया है। कोर्ट ने भूमि कुर्क करके उसकी धनराशि अदालत में जमा करने का आदेश दिया है।
मामला कोतवाली देहात थानान्तर्गत कमनगढ़ गांव का है। गांव निवासी निजामुद्दीन उर्फ निजाम अहमद की शादी करीब 10-11 वर्ष पूर्व कोतवाली नगर क्षेत्र के घरहा कलां निवासी कमरुलनिशा के साथ हुई थी। आरोप है कि निजाम अहमद ने दूसरी शादी कर ली है। कमरुल निशां ने वर्ष 1999 में कोर्ट में भरण-पोषण का मुकदमा दायर किया। पांच जनवरी 2012 को तत्कालीन अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट इफराक अहमद ने आदेश दिया था कि निजाम अहमद अपनी पत्नी कमरुल निशां को हर माह दो-दो हजार रुपये गुजारा-भत्ता के एवज में दे। गुजारा भत्ता की धनराशि कोर्ट में मुकदमा दायर करने की तिथि से देने का आदेश हुआ था। आदेश के बावजूद धनराशि नहीं मिलने पर कमरुल निशां ने न्यायालय में अर्जी दी है। कमरुल निशां को 5,32,000 रुपये की धनराशि गुजारा भत्ता के एवज में मिलनी है। सुनवाई कर रहे फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश संजीव यादव ने निजाम अहमद की भूमि कुर्क करने का आदेश दिया।