सुल्तानपुर। मुंबई में 26/11 को हुए आतंकी हमले के आरोपी अजमल आमिर कसाब को बुधवार सुबह फांसी दिए जाने की हर वर्ग ने सराहना की है। बुद्धिजीवियों एवं समाज के विभिन्न धर्मों के लोगों ने फैसले को सही कदम बताया। लोगों का मानना है कि इससे आतंकवादियों में भय एवं देशवासियों में सुरक्षा की भावना पैदा होगी।
मुंबई हमले के आरोपी अजमल आमिर कसाब को फांसी पर लटकाने का सभी वर्गों ने स्वागत किया है। केएनआईपीएसएस के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुशील सिंह का कहना है कि ये सरकार का देर से उठाया गया सही कदम है। अब संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु को भी तुरंत फांसी दी जानी चाहिए। मौलाना लतीफ ने कहा कि कसाब को फांसी की सजा बिल्कुल उचित है। ये मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा था। कोई भी धर्म कत्लेआम की इजाजत नहीं देता। डॉ. आर एस मिश्र ने कहा कि इस फैसले से देश में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। देर से सही, लेकिन फांसी का कदम सराहनीय है। अन्य आतंकवादियों को भी सजा-ए-मौत दी जानी चाहिए। समाजसेवी सरदार बलदेव सिंह ने कहा कि कसाब ने निर्दोषों को मारकर बड़ा अपराध किया था। उसे फांसी की सजा ही मिलनी चाहिए थी। निश्चित तौर पर ये सरकार और अदालत का सराहनीय फैसला है। समाज सेविका नीलिमा सेठ का कहना है कि अदालत के फैसले के बाद अभियुक्त को तुरंत फांसी दे दी जानी चाहिए थी। इसमें थोड़ा विलंब किया गया, लेकिन फैसला सराहनीय है।