सुल्तानपुर। लखनऊ-वाराणसी रेलखंड के पखरौली व भदैंया स्टेशन के बीच मानव रहित क्रॉसिंग पर लाइन के दोनों तरफ की आबादी को जोड़ने के लिए रेलवे भूमिगत पुल बनाएगा। 2.44 करोड़ रुपये की लागत से ये पुल एक वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा। भूमिगत पुृल निर्माण कई गांव के लोगों की मांग पर मनरेगा के तहत कराया जाएगा। बजट स्वीकृति के लिए इंजीनियरिंग विभाग ने पुल निर्माण का खाका बनाकर डीएम के पास भेज दिया है।
साल भर पहले पखरौली व भदैंया स्टेशन के बीच स्थित गेट संख्या 67 पर रेलवे ने एक मानव रहित क्रॉसिंग बनाई थी। क्रॉसिंग खोलने के पीछे रेलखंड के दोनों तरफ के गांवों को आपस में जोड़ना था। क्रॉसिंग खुलने के करीब चार माह के भीतर कई दुघर्टनाएं हो गईं। बढ़ रही दुर्घटनाओं व कॉशन लगने से रेलगाड़ियों का संचालन प्रभावित होता देख इंजीनियरिंग विभाग ने गेट संख्या 67 की मानव रहित क्रॉसिंग निरस्त करने का निर्णय लिया। औपचारिकताएं पूरी होने पर कुछ समय बाद क्रॉसिंग बंद कर दी गई। इस दौरान क्रॉसिंग के इर्द-गिर्द स्थित गांवों के लोग रास्ता देने की मांग करते रहे। मांग बढ़ती देख रेल प्रशासन ने मनरेगा बजट से बंद क्रॉसिंग पर एक रोड अंडरब्रिज (भूमिगत पुल) बनाने की योजना बनाई। रोड अंडरब्रिज का इस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। एक साल में तैयार होने वाले इस पुल के निर्माण में 2.44 करोड़ रुपये लागत आएगी। सहायक मंडल अभियंता आर के सैनी ने बताया कि इस्टीमेट तैयार कर बजट स्वीकृति के लिए डीएम के पास भेजा गया है। मनरेगा योजना बजट से भूमिगत पुल बनाया जाएगा।