गौरीगंज। प्रभारी पूर्ति निरीक्षक की तहरीर के आधार पर मेसर्स बृजमोहन फिलिंग स्टेशन के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई बीते दिनों गठित एक विशेष जांच टीम द्वारा पंप से लिए गए नमूनों की जांच में अपमिश्रण की पुष्टि संबंधित रिपोर्ट मिलने के बाद की गई है।
उपायुक्त खाद्य तथा रसद विभाग से जारी एक आदेश के क्रम में बीते 31 मई को वाराणसी मंडल के आयुक्त खाद्य एके सिंह के नेतृत्व में गठित एक टीम ने तीन जून 2012 को शहर के पेट्रोल/डीजल पंप मेसर्स बृजमोहन फिलिंग स्टेशन की जांच की थी। पंप पर पहुंची टीम के साथ मौजूद आईओसी कंपनी के अधिकारी द्वारा लिए गए नमूने को जिला पूर्ति कार्यालय वाराणसी मंडल ने निर्धारित अवधि के अंदर छह जून को जांच के लिए संयुक्त निदेशक विधि विज्ञान प्रयोगशाला रामनगर भेजा था। प्रयोगशाला ने नमूनों की जांच के बाद चार जुलाई को जारी रिपोर्ट में अपमिश्रित पेट्रोल की पुष्टि हुई थी। प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर वाराणसी मंडल के उपायुक्त खाद्य ने 23 जुलाई को अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी थी। प्रयोगशाला में नमूनों की जांच और उपायुक्त की रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम विद्याभूषण ने 24 अगस्त को पूर्ति महकमे को पंप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाने की अनुमति प्रदान कर दी थी। डीएम की अनुमति मिलने के बाद प्रभारी पूर्ति निरीक्षक गिरीशचंद्र श्रीवास्तव द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने एक अक्टूबर को पंप के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की है। प्रभारी पूर्ति निरीक्षक ने तहरीर देने व प्रभारी निरीक्षक शशिभूषण ने केस दर्ज करने की पुष्टि की है।