सुल्तानपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जिले में 109 विद्यालयों को केंद्र निर्धारित किया है। इसमें पांच राजकीय, 53 सहायता प्राप्त तथा 51 स्ववित्तपोषित विद्यालय परीक्षा केंद्र बने हैं।
सोमवार की रात माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर सूची अपलोड होने के बाद सेंटर नहीं बनने वाले विद्यालयों में खलबली मची है।
वर्ष 2020 की यूपी बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होकर छह मार्च तक चलेगी। इस परीक्षा में जिले के 78,894 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इसमें हाईस्कूल के 44,813 परीक्षार्थी हैं।
हाईस्कूल की परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों में 22,630 बालक व 22,183 बालिकाएं हैं। वहीं इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए 34,081 परीक्षार्थियों ने अपना पंजीकरण कराया है।
इसमें 16,645 बालक व 17,436 बालिकाएं शामिल हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सोमवार की रात 109 केंद्र बनाए जाने की सूची वेबसाइट पर अपलोड की है। इसमें पांच राजकीय, 53 अशासकीय सहायता प्राप्त व 51 वित्तविहीन कॉलेज केंद्र बनाए गए हैं।
परिषद की ओर से प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों की सूची के साथ ही आवंटित परीक्षार्थियों की संख्या व उनके स्कूल का नाम भी अलॉट किया गया है। सूची जारी होते ही सेंटर नहीं बनने वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रबंधतंत्र में खलबली मची है।
यूपी बोर्ड परीक्षा में पिछली बार 81,076 परीक्षार्थियों पर 123 केंद्र बनाए गए थे जबकि इस बार परीक्षार्थियों की संख्या 2182 घटकर 78,894 हुई है। केंद्र 14 घटकर 109 ही रह गए हैं।
माना यह जा रहा है कि परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में इस बार पिछले वर्ष की तुलना में अधिक सख्ती बरती गई है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद जब फाइनल सूची जारी होगी तो वास्तविक स्थिति का पता चलेगा।
जिले के 58 सहायता प्राप्त विद्यालयों में से पांच विद्यालय ऐसे हैं, जो इस बार केंद्र नहीं बने हैं। इसमें जनता इंटर कॉलेज कूम्हीं दोस्तपुर, जनता इंटर कॉलेज कूरेभार, इंटर कॉलेज गोड़वा, मुस्तकीम इंटर कॉलेज ज्ञानीपुर व जवाहर लाल इंटर कॉलेज गरएं लंभुआ शामिल हैं।
कूरेभार में सड़क के किनारे स्थित सहायता प्राप्त विद्यालय जनता इंटर कॉलेज के केंद्र न बनाए जाने पर लोग अचंभित हैं। 25 राजकीय विद्यालयों में से सिर्फ पांच को केंद्र बनाया गया है। राजकीय इंटर कॉलेज पिपरी इस बार भी केंद्र नहीं बना है जबकि अन्य 19 उच्चीकृत राजकीय हाईस्कूल हैं।