सुल्तानपुर। तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण पर आखिरकार कैबिनेट की मुहर लग गई। तदर्थ रूप से नियुक्त हुए जिले के 73 शिक्षकों की नौकरी पक्की हो जाएगी। सात अगस्त 1993 से दिसंबर 2000 के मध्य के तदर्थ शिक्षकों को विनियमितीकरण का लाभ मिलेगा। माध्यमिक शिक्षक संगठनों की ओर से लंबे समय से विनियमितीकरण की मांग की जा रही थी। हालांकि, कुछ संगठन अद्यतन (सभी) तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण की मांग पर अड़े हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के अशासकीय विद्यालयों में तदर्थ रूप से नियुक्ति पाए शिक्षकों के विनियमितीकरण की मांग लेकर सभी शिक्षक संगठनों की ओर से बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन का बहिष्कार किया गया था। मूल्यांकन बहिष्कार के दौरान शासन ने विनियमितीकरण का आश्वासन दिया था। मंगलवार को कैबिनेट में विनियमितीकरण के लिए मंजूरी मिल गई। जल्द ही शासनादेश जारी हो जाएगा। विदित होगा कि तदर्थ शिक्षकों को कोर्ट के आदेश पर विभागीय मानक के अनुसार वेतन भुगतान किया जा रहा है।
विनियमित होने के बाद शासन पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। विनियमित होने पर तदर्थ शिक्षकों की नौकरी से हटाए जाने का भय नहीं रहेगा। माध्यमिक शिक्षा के लेखाकार प्रशांत कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि विनियमित होने पर चयनवेतन पर प्रति शिक्षक को न्यूनतम पांच सौ रुपये का लाभ मिलेगा। साथ ही पदोन्नति, स्थानांतरण का भी लाभ मिलेगा।