मौसम की बेरुखी से बढ़ी पेयजल समस्या सेे निजात दिलाने के लिए जल निगम ने खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। निष्प्रयोज्य हो चुके 700 हैंडपंपों का चयन रिबोर के लिए किया गया है। हैंडपंपों को दुरुस्त करने के लिए प्रदेश सरकार ने एक करोड़ 83 लाख रुपये की धनराशि निर्गत कर दी है। नवरात्रि से पूर्व पेयजल समस्या दूर कर शासन को प्रगति रिपोर्ट भेजनेे के निर्देश दिए गए हैं।
जल निगम के पूर्व में कराए गए सर्वेक्षणों की मानें तो जिले में एक हजार से अधिक सरकारी हैंडपंप खराब हैं। बजट के अभाव में अभी तक जल निगम इन हैंडपंपों की मरम्मत नहीं कर पा रहा था। कई बार विभाग की तरफ से बजट की मांग की गई लेकिन शासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया। हालांकि अब हैंडपंप रिबोर करने के लिए शासन ने धनराशि निर्गत कर दी है।
सीडीओ श्रीकांत मिश्र ने बताया कि 1.83 करोड़ के मिले बजट से हैंडपंपों को रिबोर कराया जा रहा है। अवर अभियंता के नेतृत्व में निगम की टीमें ब्लॉकों में काम कर रही हैं। अधिशाषी अभियंता जल निगम शमीम अख्तर ने बताया कि प्रत्येक ब्लॉक में औसतन 50-50 हैंडपंप रिबोर किए जाएंगे। पेयजल समस्या से प्रभावित आबादी वाले हैंडपंपों को वरीयता पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।