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शत्रु संपत्तियों को लेकर सात जगहों पर विवाद

Mon, 11 Jan 2016 10:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
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जिले में शत्रु संपत्तियों का निपटारा नहीं हो पाया है। सात गांवों में स्थित संपत्तियों का विवाद कोर्ट व शासन में लंबित है। वर्षों से प्रकरण विचाराधीन होने से प्रशासन भी निपटारे की राह देख रहा है।
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राष्ट्रपति की ओर से शत्रु संपत्तियों की देख-रेख सीधे संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों के हाथों में सौंपे जाने के आदेश के बाद सूबे की सरकार ने अध्यादेश जारी कर दिया है। जिले में सात जगहों पर शत्रु संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। इसमें जयसिंहपुर तहसील में एक, लंभुआ तहसील में दो संपत्तियां हैं। सदर तहसील के चार गांवों में कुछ संपत्तियां हैं, लेकिन इन संपत्तियों केे शत्रु संपत्ति घोषित करने को लेकर विवाद चल रहा है। कुछ संपत्तियों का विवाद कोर्ट में, जबकि कुछ का शासन में लंबित है। शासन व कोर्ट से विवादित संपत्ति के संबंध में कोई आदेश नहीं आने से प्रशासन भी अभी इसे शत्रु संपत्ति की श्रेणी में नहीं रख रहा है।

क्या है शत्रु संपत्ति
आजादी के पहले व बाद में कुछ लोगों के पाक चले जाने से उनकी संपत्तियां बेनामी हो गई थीं। काफी दिनों तक इसका इंतजार किया गया। सूत्रों के मुुताबिक कुछ जगहों पर लोगों ने इस पर कब्जा भी कर लिया। आजादी के बाद इसे शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया गया। जिले में शत्रु संपत्ति को लेकर विवाद है। इसकी वजह से अभी किसी को शत्रु संपत्ति नहीं घोषित किया जा सका है।
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कोई नहीं शत्रु संपत्ति
मुख्य राजस्व अधिकारी इंद्रासन सिंह यादव का कहना है कि जिले में कोई शत्रु संपत्ति नहीं है। शत्रु संपत्तियों को लेकर सात जगहों पर विवाद चल रहा है। विवाद के निपटारे तक किसी भी संपत्ति को शत्रु संपित्त नहीं कहा जा सकता।
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