जिले में मंगलवार को आयोजित हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा से 685 परीक्षार्थियों ने किनारा कर लिया। जिले को कुल 11,698 परीक्षार्थी आवंटित थे, जिसमें 11,013 ही परीक्षा में शामिल हुए। नौ केंद्रों पर आयोजित टीईटी परीक्षा में शहर के दो केंद्रों से परीक्षार्थी ओएमआर शीट की द्वितीय प्रति अपने साथ लेकर चले गए। इसे लेकर संबंधित केंद्रों पर अफरातफरी मची रही। परीक्षा संचालन के लिए पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। हालांकि परीक्षार्थियों की भीड़ से पूरा शहर दिन भर परेशान हो गया।
शहर के छह परीक्षा केंद्रों समेत कुल नौ विद्यालयों को टीईटी परीक्षा का केंद्र बनाया गया था। सुबह से ही पुलिस एवं प्रशासन परीक्षा केंद्रों पर मुस्तैद रहा। पहली पाली में 7,776 परीक्षार्थियों में से 7,365 ने परीक्षा में हिस्सा लिया, जबकि 411 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। वहीं दूसरी पाली में 3,922 आवंटित परीक्षार्थियों में से 3,648 ने परीक्षा में हिस्सा लिया। दूसरी पाली 274 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। दोनों पालियों में 11,698 परीक्षार्थियों में से 11,013 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए।
उपस्थिति प्रतिशत 94.14 रहा। टीईटी परीक्षा के लिए शहर के कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान, राणा प्रताप पीजी कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, मधुसूदन इंटर कॉलेज, केशकुमारी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, महात्मा गांधी स्मारक इंटर कॉलेज को केंद्र बनाया गया था। धम्मौर के हनुमत इंटर कॉलेज एवं भदैंया स्थित जीजीआईसी व सर्वोदय इंटर कॉलेज लंभुआ को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया था।
शहर में रही जाम की स्थिति
सुल्तानपुर। शिक्षक पात्रता परीक्षा छूटने के बाद पहली पाली में शहर के विभिन्न चौराहों पर घंटों जाम लगा रहा। तिकोनिया पार्क, दीवानी चौराहा, गोलाघाट तिराहा, बस स्टेशन, सब्जी मंडी, लाल डिग्गी चौराहा, डाकखाना चौराहा, शाहगंज चौराहा, राहुल चौराहा समेत लगभग सभी जगह वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। पुलिस ने घंटों की मशक्कत के बाद यातायात को नियंत्रित किया।