आखिरकार सस्पेंड हुआ
घूस का आरोपी सचिव
क्रासर
प्रसाधन अनुदान का चेक देने पर ली थी रिश्वत
सचिव को मुसाफिरखाना ब्लॉक से किया गया संबद्ध
अमर उजाला इंपैक्ट
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। प्रसाधन निर्माण के अनुदान का चेक देने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोपी पंचायत सचिव को बचाने में जुटे डीपीआरओ को आखिरकार उसे सस्पेंड करना पड़ा। निलंबन के बाद सचिव को ब्लॉक मुसाफिरखाना से संबद्ध करते हुए एडीओ पंचायत को प्रकरण की विस्तृत जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
विकास खंड भेंटुआ के गांव धारमीरपुर मजरे नौगिरवां निवासी बलराम यादव आदि ने 31 मार्च को डीएम को शिकायती पत्र देकर गांव में तैनात पंचायत सचिव बैजनाथ पांडेय पर गंभीर आरोप मढ़े थे। शिकायतकर्ता ने सचिव पर प्रसाधन निर्माण अनुदान का चेक देने के नाम पर एक हजार रुपये रिश्वत लेने तथा अन्य लाभार्थियों से रिश्वत की मांग करने संबंधी शिकायती पत्र वीडियो क्लिप के साथ डीएम को उपलब्ध कराया था। डीएम के आदेश पर डीपीआरओ उमाकांत पांडेय ने प्रकरण की जांच एडीपीआरओ आशुतोष कुमार को सौंपी थी। एडीपीआरओ ने जांच में शिकायत सही पाए जाने पर अपनी रिपोर्ट सात अप्रैल को सौंप दी थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बावजूद आरोपी पर कार्रवाई के बजाय डीपीआरओ कार्यालय उसे बचाने में जुटा था। ‘अमर उजाला’ ने 24 जून को ‘...रिश्वत लेकर दिया प्रसाधन अनुदान का चेक’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की तो पंचायतीराज विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन डीपीआरओ ने पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए निलंबन अवधि में उसे ब्लॉक मुसाफिरखाना से संबद्ध करते हुए एडीओ पंचायत मुसाफिरखाना को प्रकरण की जांच का जिम्मा सौंपा है।