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मार्शल आर्ट सीखेंगी 611 जूनियर हाईस्कूलों की बेटियां

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611 जूनियर हाईस्कूलों की बेटियां सीखेंगी मार्शल आर्ट
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खर्च होंगे करीब 56 लाख रुपये, 90 दिनों तक चलेगा प्रशिक्षण
माई सिटी रिपोर्टर
सुल्तानपुर। जूनियर हाईस्कूलों में अध्ययनरत बेटियों को अपनी सुरक्षा के लिए तैयार करने के लिए मार्शल ऑर्ट का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आत्मरक्षा के लिए जिले के 611 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तीन माह तक चलने वाले मार्शल ऑर्ट प्रशिक्षण के लिए प्रति विद्यालय नौ हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। विद्यालय स्तर पर बालिकाओं का 90 दिवसीय प्रशिक्षण एक सितंबर से शुरू होगा।
समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत जेंडर इक्विटी कार्यक्रम में जिले के सभी 611 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बालिकाओं को आत्मरक्षा के लिए जूडो कराटे व ताइक्वांडों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए पहले खेल अनुदेशकों, केजीबीवी के खेल शिक्षकों तथा व्यायाम शिक्षकों की सूची बनाई जाएगी। इसके बाद इसमें से प्रशिक्षक चयनित किए जाएंगे। ब्लॉक स्तर पर चयनित प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एक सितंबर से दिसंबर 2019 तक 90 दिनों तक बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। 15 जनवरी 2020 तक राज्य परियोजना कार्यालय को उपभोग प्रमाणपत्र देना होगा। सेल्फ डिफेंस कार्यक्रम के अंतर्गत व्यय होने वाली धनराशि जिला परियोजना समिति के माध्यम से खर्च की जाएगी। सेल्फ डिफेंस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रति उच्च प्राथमिक विद्यालय तीन हजार रुपये की धनराशि की दर से तीन माह का नौ हजार रुपये स्वीकृत किया गया है। इस प्रकार 611 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 54 लाख 99 हजार रुपये मार्शल ऑर्ट प्रशिक्षण में खर्च किए जाएंगे। ब्लॉक स्तर प्रशिक्षण कार्यक्रम में ट्रेनिंग देने और प्रशिक्षण लेने वाले खेल शिक्षकों, अनुदेशकों एवं जिला व्यायाम शिक्षकों को प्रतिदिन 200 रुपये यात्रा भत्ता दिया जाएगा।
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प्रशिक्षकों को मिलेगा इंसेंटिव
बालिकाओं को प्रशिक्षण देने के बाद संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक इसकी पुष्टि करेंगे। इसके बाद प्रशिक्षक को प्रतिमाह दो हजार रुपये की दर से तीन माह के लिए इंसेटिव प्रदान किया जाएगा। यह धनराशि संबंधित विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से व्यवहरित की जाएगी। इस प्रकार सभी उच्च प्राथमिक विद्यालयों को छह हजार रुपये की धनराशि देनी होगी। शेष धनराशि ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कर वित्तीय नियमों के अनुसार व्यय की जाएगी। सभी कार्यक्रमों की फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
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प्रशिक्षित बेटियों को मिलेगा प्रमाणपत्र
आत्मरक्षा के लिए तीन महीने का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बेटियों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा। प्रतिभागी छात्राओं को स्कूल के प्रधानाध्यापक, एसएमसी अध्यक्ष व प्रशिक्षक के संयुक्त हस्ताक्षर से प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। प्रशिक्षण में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को जनपद के अंदर व जिले के बाहर होने वाली प्रतिस्पर्द्घाओं में अवसर प्रदान किए जाएंगे।
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12 केजीबीवी की बालिकाएं भी होंगी प्रशिक्षित
जिले के 12 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत 1100 बालिकाओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। दूबेपुर व जयसिंहपुर में 50-50 बालिकाएं अध्ययनरत हैं। वहीं लंभुआ, भदैंया, प्रतापपुर कमैचा, अखंडनगर, दोस्तपुर, कादीपुर, बल्दीराय, कुड़वार, धनपतगंज, कूरेभार में 100-100 बालिकाएं अध्ययनरत हैं।
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इनसेट
बालिकाओं के लिए लाभदायी होगा कार्यक्रम
आत्मरक्षा में निपुण बनाने के लिए जूनियर हाईस्कूलों की बालिकाओं को दिया जाने वाला मार्शल ऑर्ट का प्रशिक्षण उनके लिए लाभदायी सिद्घ होगा। प्रशिक्षण के दौरान बालिकाओं के सुरक्षा संबंधी नियम बनाए जाएंगे और विद्यालय स्तर पर उनका कड़ाई से पालन किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों का औचक निरीक्षण कर गुणवत्ता भी परखी जाएगी। -ओपी तिवारी, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा।
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