राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना लागू होने के बाद शासन ने जिले का दूसरी बार केरोसिन आवंटन घटा दिया है। शासन से जारी नया आदेश लागू होने के बाद जिले को 1031 किलोलीटर के बजाय 975 किलोलीटर केरोसिन मिलेगा। 56 हजार लीटर हुई इस कटौती से जिले के करीब चार लाख उपभोक्ता सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
आदेश के मुताबिक अगस्त से उपभोक्ताओं को तीन लीटर के स्थान पर 2.5 लीटर तेल ही मिलेगा। पहले से ही कम मिल रहे केरोसिन का आवंटन घटने से उपभोक्ताओं की दिक्कतें और बढ़ेंगी। शासन की ओर से लगातार की जा रही केरोसिन आवंटन कटौती से जिले के उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती जा रही है। शनिवार को केरोसिन आवंटन में कटौती ने परेशानी में और इजाफा कर दिया है।
जनपद के अंत्योदय व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के आच्छादित 3,90,955 उपभोक्ताओं को प्रति कार्ड तीन लीटर तेल मुहैया कराने के लिए शासन अब तक प्रत्येक माह 1031 किलोलीटर केरोसिन मुहैया कराता था। शासन से जिले को मिलने वाले इस आवंटन को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की 684 दुकानों के माध्यम से कार्डधारकों में वितरित किया जाता था।
हालांकि, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना लागू होने के बाद इसके नए प्रावधानों के तहत शासन ने जिले को मिलने वाले केरोसिन का आवंटन कम कर दिया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना लागू होने के पहले जिले को जहां 1031 किलोलीटर केरोसिन मिलता थी वहीं अब जिले को मात्र 975 किलोलीटर का आवंटन ही प्राप्त होगा।
शासन की ओर से जिले का 56 हजार लीटर आवंटन घटाने का यह आदेश जुलाई से प्रभावी होगा, वहीं वितरण में माह अगस्त से लागू होगा। आवंटन घटने के बाद जिले के 3,90,955 उपभोक्ताओं को अगस्त माह से तीन लीटर के स्थान पर मात्र 2.5 लीटर केरोसिन ही मिलेगा।
अब तक मिलने वाला केरोसिन उपभोक्ताओं की जरूरत के लिए कम पड़ जाता था। इसमें हुई मौजूदा कटौती उपभोक्ताओं की दिक्कतें और बढ़ाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी अखिलेश श्रीवास्तव ने शासन का पत्र मिलने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि जिले का केरोसिन आवंटन कम होने के बाद दुकानवार आवंटन तैयार किया जा रहा है।