परिषदीय विद्यालयों में बंटने के लिए निशुल्क पाठ्य पुस्तकों की पहली खेप जिले में पहुंच गई है। कक्षा चार व पांच की दो प्रकार की किताबों के एक हजार बंडल आए हैं। प्रकाशक की ओर से नमूना मिलते ही जनपदीय कमेटी से सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन के बाद ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर पाठ्य पुस्तकें भेज दी जाएंगी।
एक अप्रैल से नवीन शिक्षा सत्र की शुरुआत हो चुकी है। परिषदीय प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूलों में ग्रीष्मावकाश के पहले बच्चों की पढ़ाई पुरानी किताबों के सहारे की गई है। ग्रीष्मावकाश के बाद एक जुलाई से खुल रहे स्कूलों में नौनिहालों को नई पाठ्य पुस्तकों के वितरण की कार्ययोजना है।
इलाहाबाद के एक प्रकाशक की ओर से जिले में साढ़े 52 हजार पाठ्य पुस्तकों की खेप पहुंची है। पुस्तक वितरण की जिम्मेदारी संभाल रहे उपेंद्र सिंह व विपिन यादव ने बताया कि कक्षा चार के कलरव की साढ़े 12 हजार, परख की 15 हजार और कक्षा पांच के कलरव व परख की साढ़े 12-12 हजार पाठ्य पुस्तकें पहुंची हैं। प्रकाशक की ओर से नमूने का इंतजार है।
बीएसए रमेश यादव ने बताया कि नमूना मिलते ही सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन के बार बीआरसी के माध्यम से विद्यालयों में पाठ्य पुस्तकें भेजी जाएगी। अन्य प्रकाशकों से संपर्क बनाया जा रहा है। जल्द ही सभी किताबें पहुंच जाएंगी। पुस्तक वितरण की सारी तैयारी की गई है।