10 फिट नीचे गया पानी, गहराया पेयजल संकट
सुल्तानपुर। भीषण गर्मी व गिरते जल स्तर से शहर के तमाम हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। शहर का भूगर्भ जलस्तर पिछले वर्ष की अपेक्षा इस साल करीब 10 फिट नीचे चला गया है।
इससे नगर क्षेत्र में स्थापित करीब 931 इंडिया मार्का टू हैंडपंपों में 107 से पानी नहीं निकल रहा है। इससे संबंधित क्षेत्रों में करीब पांच हजार की आबादी के समक्ष पेयजल की समस्या खड़ी हो गई है।
बढ़ते तापमान से धरती का जल स्तर नीचे गिरता जा रहा है। जल संचयन की कमी व जल दोहन की वजह से भूगर्भ जल स्तर में कमी आती जा रही है। यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में पेयजल की समस्या विकराल रूप धारण कर सकती है।
जलकल विभाग की मानें तो पिछले वर्ष शहर का जल स्तर करीब 70 फिट था। जो जल दोहन की वजह से इस वर्ष करीब 10 फिट नीचे चला गया है। इस समय शहर में जल स्तर करीब 80 फिट तक पहुंच गया है।
इससे शहर में पेयजल के लिए स्थापित जल संसाधनों ने भी पानी देना बंद कर दिया है। शहर में जलापूर्ति के लिए स्थापित पांच नलकूप पहले से ही बंद पड़े हैं।
अब बड़ी संख्या में जलापूर्ति के लिए स्थापित इंडिया मार्का टू हैंडपंपों ने भी पानी देना बंद कर दिया है। शहर के 25 वार्ड में जल निगम की ओर से स्थापित करीब 931 इंडिया मार्का टू हैंडपंप पिछले वर्ष सुचारु रूप से संचालित हो रहे थे।
जल स्तर गिरने से करीब 107 इंडिया मार्का टू हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। इससे करीब पांच हजार की आबादी पेयजल के संकट से जूझ रही है। इस समय शहर में 931 में सिर्फ 824 हैंडपंपों का संचालन हो रहा है।
इनमें भी कई इंडिया मार्का टू हैंडपंप दूषित जल देने लगे हैं। इससे संबंधित क्षेत्र के लोगों को भी पेयजल की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। बंद पड़े हैंडपंपों को रिबोर कराने की जरूरत है। इसके लिए जलकल विभाग के पास संसाधनों का टोटा व कार्य योजना की कमी है।
शहर में जलापूर्ति के लिए हैंडपंपों के साथ पेयजल आपूर्ति के लिए छह पानी की टंकी बनवाई गई है। इसमें चार पानी की टंकी पूरी तरह से संचालित हो रही हैं। जबकि दो ओवर हेड टैंक पूरी तरह से बंद हैं।
इसमें लक्ष्मणपुर व शास्त्रीनगर की पानी की टंकी शामिल है। दीवानी चौराहे पर स्थित एक ओवर हेड टैंक अभी पूरी तरह से संचालित नहीं हो पाया है।
शहर में हैंडपंपों के साथ इन्ही ओवर हेड टैंकों को पेयजल आपूर्ति का जिम्मा है। दो ओवर हेड टैंक बंद होने एवं एक अधूरा चलने से लोगों का जोर हैंडपंपों पर भी रहता है।
पेयजल आपूर्ति के लिए जलनिगम ने शहर को पांच जोन में बांटा है। इसमें दो जोन इस समय दिक्कत में चल रहे हैं। निरालानगर में ओवर हेडटैंक से गंदापानी आने से लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है।
जलकल विभाग के अवर अभियंता पंकज वर्मा ने बताया कि शहर के सर्वे में करीब 107 हैंडपंपों का संचालन बंद पाया गया है। इनके संचालन को लेकर जल निगम के पास कई बार शिकायत की गई, लेकिन किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिल रहा है।