जिले में शुक्रवार सुबह और देर शाम आए भीषण आंधी-पानी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालत यह है कि आंधी-पानी के दौरान गिरे खंभों की वजह से गुल हुई बिजली दूसरे दिन भी बहाल नहीं हो सकी है। जिला मुख्यालय समेत करीब पांच सौ गांव की पांच लाख आबादी बिजली से महरूम है।
जिला मुख्यालय के लोग पानी को भी तरस गए हैं। पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी-कर्मचारी दिनभर फॉल्ट ढूंढकर उसे सही करने में जुटे रहे। तीन दिन से खराब चल रहे मौसम ने शुक्रवार सुबह और देर शाम गंभीर रूप धारण कर लिया। सुबह करीब नौ तथा शाम करीब छह बजे आई भीषण आंधी व पानी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।
तेज आंधी की वजह से जिले के तकरीबन सभी विद्युत उपकेंद्रों से संबंधित गांवों में पोल व तार टूट कर गिर पड़े। इसकी वजह से शुक्रवार सुबह से बाधित हुई विद्युत आपूर्ति शनिवार को भी बहाल नहीं हो सकी। जिला मुख्यालय पर बिजली के अभाव में पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति भी नहीं हो सकी है।