सुल्तानपुर। क्षेत्र के पटखौली गांव में चांदा नहर की पटरी मंगलवार की देर रात अचानक कट गई। कटान होने के बाद नहर का पानी आस-पास खेतों में भर गया। सुबह तक करीब 50 बीघे गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। बुधवार को दोपहर बाद सिंचाई खंड के अधिकारियों ने नहर की पटरी बांधने का कार्य शुरू करवाया।
नहर के संचालन में एक बार फिर सिंचाई खंड के अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई है। मंगलवार की देर रात लंभुआ तहसील क्षेत्र के अंतर्गत चांदा रजबहे (नहर) की पटरी में पटखौली गांव के पास कटान हो गई।
कटान से आस-पास के करीब 50 बीघे गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। पूरी रात कटान से पानी बहता रहा। बुधवार की सुबह ही लोगों ने कटान की सूचना सिंचाई खंड के अधिकारियों को दी। लोगों का आरोप है कि सूचना के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी लापरवाह बने रहे। बुधवार को दोपहर बाद सिंचाई खंड की ओर से भेजे गए मजदूरों ने कटान बांधने का कार्य शुरू किया। देर शाम तक कटान स्थल को बांधने का कार्य जारी रहा।
पटखौली गांव के पास नहर की पटरी कटने से रमाकांत यादव, राजमणि पांडेय, त्रिवेणी प्रसाद, जितेंद्र सिंह समेत कई किसानों के खेत में पानी भर गया। इसके पहले भी क्षेत्र में कई स्थानों पर नहर की पटरी में कटान हो चुकी है।
सिंचाई खंड के सहायक अभियंता संतोष कुमार ने बताया कि दोपहर बाद कटान स्थल को बांधने का कार्य शुरू करवा दिया गया है। देर शाम तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। कटान की वजह पता नहीं चल सकी है।