शहर से सटे कांशीराम कॉलोनी के करीब 4500 वोटर न नगर पालिका परिषद के हो सके और न ही ग्राम पंचायत के। कॉलोनी के करीब 1627 आवंटियों के परिवारों को न अमहट ग्राम पंचायत का वोटर बनाया गया और न ही नगर पालिका परिषद का। ग्राम पंचायतों के चुनाव में ये पंचायत क्षेत्र के बाहर बताकर खारिज कर दिए गए थे। अब नगर निकाय के चुनाव में पालिका क्षेत्र के बाहर बता दिए गए। किसी भी जगह वोटर नहीं बन पाने से ये लोग मतदान से फिर वंचित हो जाएंगे।
शहरी क्षेत्र के आवास विहीन लोगों को दिए गए थे आवास
शहर में रह रहे आवास विहीन लोगों को पूर्व की बसपा सरकार ने शहरी क्षेत्र में ही आवास बनाकर उन्हें देेने की योजना शुरू की थी। योजना के तहत आवासों का निर्माण कराकर सरकार ने जरूरतमंदों को आवंटन दिया था। आवंटन के बाद प्रशासन ने कई चरणों में आवंटियों को कांशीराम कॉलोनी में बसाया। तब से ये लोग शहर से निकलकर कांशीराम कॉलोनी में आवंटित अपने आवास में रहने लगे।
बनाए गए 1668 आवास
योजना के तहत कांशीराम कॉलोनी में विभिन्न चरणों में आवास विहीन जरूरतमंदों के लिए 1668 आवास बनाए गए हैं। प्रशासन ने निर्माण के बाद करीब 1627 आवासों का आवंटन कर दिया है। साथ ही आवंटियों को कब्जा दिला दिया है।