खतरनाक हुई सिंचाई विभाग की 30 पुलिया
क्रासर
आए दिन हो रहे हादसे
बजट का इंतजार कर रहे अधिकारी
फोटो संख्या-1
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। सिंचाई विभाग की ओर से नहरों व माइनरों पर स्थापित पुल व पुलिया खतरे के मुहाने पर हैं। इससे इन स्थानों से आवागमन करने में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अब तक कई हादसे भी हो चुके हैं। विभाग ने इसके जीर्णोद्धार कराने के लिए करीब 30 पुलिया को डेंजर पॉइंट घोषित किया है। इनकी मरम्मत कराने के लिए विभाग के पास अभी बजट नहीं है।
जिले के विभिन्न स्थानों पर संचालित नहरों व माइनरों पर वर्षों पूर्व लोगों के आवागमन की सुविधा के लिए पुल व पुलिया का निर्माण कराया गया है। जिले में 1000 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में नहरों का जाल फैला है। नहरों पर आवागमन के दृष्टिकोण से हाईवे व संपर्क मार्गों पर पुल व पुलिया का निर्माण कराया गया है। वर्षों पुराने पुल और पुलियों की रेलिंग और रोड क्रॉसिंग जर्जर हो चुकी है। जिले के 14 विकास खंडों में सिंचाई विभाग की ओर से नहरों का संचालन करवाया जा रहा है। शारदा सहायक नहर जिले में सिंचाई का प्रमुख साधन मानी जाती है। जिले में सिंचाई खंड, सिंचाई खंड-16 व सिंचाई खंड-49 के अंतर्गत नहरों व माइनरों का संचालन किया जा रहा है। सिंचाई खंड-16 के अंतर्गत 10 रजबहे व 120 माइनरों का संचालन किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो सिंचाई खंड-16 के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर 72 पुलिया का निर्माण करवाया गया है। इनमें अधिकांश क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पिछले वर्ष बजट मिलने के बाद विभागीय स्तर पर 42 पुलिया का जीर्णोद्धार करवाया गया। इस वर्ष अभी बजट नहीं मिल सका है। इस वजह से 30 पुलिया का जीर्णोद्धार अभी तक नहीं करवाया जा सका है। इन स्थानों को डेंजर पॉइंट घोषित किया गया है। हाल ही में जयसिंहपुर के पास शारदा सहायक नहर में रेलिंग विहीन पुलिया से एक जीप नहर में जा गिरी थी। दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
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शासन को भेजा गया पत्र : एक्सईएन
सुल्तानपुर। सिंचाई विभाग खंड-16 के अधिशाषी अभियंता पंकज गौतम ने बताया कि पुलिया के जीर्णोद्धार के लिए विभाग के पास बजट की कमी है। इसके जीर्णोद्धार का प्रोजेक्ट शासन को भेजा गया है। बजट मिलते ही कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।