सुल्तानपुर। अकादमिक रिसोर्स पर्सन की नियुक्ति के लिए फिर से चयन प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। जिले के कुल 75 में से 37 पदों पर ही पहले चरण में नियुक्ति हो पाई थी। अब 38 रिक्त पदों पर चयन के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
शासन ने एबीआरसी (ब्लॉक सह समन्वयक) का पद समाप्त करते हुए नए सिरे से एआरपी (अकादमिक रिसोर्स पर्सन) का चयन करते हुए विद्यालयों का अनुश्रवण कराने का निर्देश दिया था।
दिसंबर 2019 में शिक्षक-शिक्षिकाओं से अकादमिक रिसोर्स पर्सन के पद पर चयन के लिए आवेदन मांगे गए थे। शुरुआत में 112 शिक्षकों ने आवेदन किया था लेकिन प्रेरणा एप को लेकर शिक्षक संघों ने जब दबाव बनाया तो मात्र 73 शिक्षक ही लिखित परीक्षा में शामिल हुए।
इसमें से 44 उत्तीर्ण हुए। माइक्रो टीचिंग एवं इंटरव्यू के बाद 37 शिक्षकों की नियुक्ति एआरपी के पद पर हुई है। शासन ने सभी 75 पदों पर एआरपी नियुक्त करने का निर्देश दिया है। इसी के तहत दूसरे चरण की चयन प्रक्रिया के लिए बीएसए ने विज्ञप्ति जारी कर शिक्षकों से आवेदन मांगा है।
इस बार ब्लॉक संसाधन केंद्र एवं नगर संसाधन केंद्र के लिए अलग-अलग आवेदन मांगे गए हैं। शिक्षकों के लिए पांच वर्ष का शिक्षण अनुभव होना अनिवार्य किया गया है।
जिन शिक्षकों का चयन पहली बार ही चयन प्रक्रिया में नहीं हो पाया था, वे दूसरे चरण की चयन प्रक्रिया में आवेदन करने को उत्सुक हैं। 18 जनवरी तक पंजीकृत डाक के माध्यम से आवेदन पत्र बीएसए कार्यालय को भेजना होगा।
अकादमिक रिसोर्स पर्सन को प्रतिमाह 30 विद्यालयों का निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट प्रेरणा एप पर अपलोड करनी होगी। एआरपी का वेतन उसी विद्यालय से निर्गत होगा, जहां वे मूल रूप से कार्यरत होंगे। वेतनमान में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। विद्यालयों का निरीक्षण करने के लिए उन्हें प्रतिमाह ढाई हजार रुपये वाहन भत्ता दिया जाएगा।
जिन 37 शिक्षकों का चयन एआरपी के पद पर हुआ है, उन्हें चार दिवसीय ट्रेनिंग के लिए सीमैट प्रयागराज जाना होगा। 11 से 14 जनवरी तक चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए चयनित एआरपी को पत्र निर्गत किया जा चुका है। - डॉ. शरद सिंह, जिला समन्वयक प्रशिक्षण।