सुल्तानपुर। लखनऊ से गाजीपुर तक निर्माणाधीन पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का संचालन मार्च से शुरू हो जाएगा। शासन की ओर से निर्धारित अवधि को देखते हुए कार्यदायी फर्म ने जिले में पड़ने वाले मार्ग के निर्माण का कार्य तकरीबन पूरा कर लिया है। संचालन के लिए ब्रिज का निर्माण कार्य जारी है। ब्रिज का कार्य पूरा होते ही वाहन फर्राटा भर सकेंगे।
लखनऊ से गाजीपुर तक करीब 11216 करोड़ रुपये से बन रहे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण में मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद गति आ गई है। कार्यदायी संस्था ने जिले की सीमा में 103.5 किमीमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण तकरीबन पूरा कर लिया है। अभी सर्विस रोड बनाने का कार्य चल रहा है।
इसके साथ ही जिले में सिक्सलेन पर पड़ने वाले 16 ओवरब्रिज का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है। शासन की ओर से मार्च माह में एक्सप्रेस-वे के संचालन की डेडलाइन तय कर दिए जाने के बाद इसमें और गति आ गई है। अधिकारियों के मुताबिक निर्माणाधीन ब्रिज का अधिकांश कार्य तकरीबन पूरा कर लिया गया है। शेष कार्य फरवरी व मार्च के पहले सप्ताह तक पूरा कर लिए जाने की अधिकारियों को उम्मीद है।
मार्च माह में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हल्के वाहनों का संचालन शुरू करने की योजना है। हालांकि सर्विस रोड का कार्य हल्वे वाहन का संचालन शुरू होने के बाद भी कुछ दिनों तक जारी रहने के आसार हैं। करीब डेढ़ माह बाद एक्सप्रेस-वे का संचालन शुरू होने से गाजीपुर से जिले तक के लोग कम समय में लखनऊ का सफर पूरा कर सकेंगे।
जिले में ली गई 1349 हेक्टेयर भूमि
जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेस के निर्माण के लिए 1349 हेक्टेयर भूमि ली गई है। अधिकारियों के मुताबिक इसमें 1301 हेक्टेयर भूमि का बैनामा भू-मालिकों से लिया जा चुका है। विवादित करीब 49 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करके निर्माण कराया गया है।
भूमि का करीब 1783 करोड़ रुपये मुआवजा निर्धारित किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक इसमें भूमि की अधिकांश कीमत किसानों को दी जा चुकी है। विवादित भूमि के करीब 42 करोड़ रुपये का भुगतान शेष है। एडीएम वित्त उमाकांत त्रिपाठी ने बताया कि विवाद के निस्तारण के बाद उसे वितरित किया जाएगा।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का अधिकांश कार्य तकरीबन पूरा करा लिया गया है। ब्रिज का निर्माण चल रहा है। मार्च माह तक ब्रिज का कार्य पूराकर शासन को रिपोर्ट दे दी जाएगी। मार्च में शासन की ओर से मार्ग पर वाहनों का संचालन किए जाने की उम्मीद है।
- रवीश गुप्ता, डीएम