ठप हो गए 30 फीसदी
ग्राम पंचायतों के कार्य
क्रासर
सेक्रेटरियों के स्थानांतरण से उपजी समस्या
पूर्व से कार्यरत सचिवों ने नहीं दिया चार्ज
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। पिछले महीनों में सेक्रेटरियों के बड़े पैमाने पर हुए स्थानांतरण ने जिले में नई समस्या खड़ी कर दी है। पूर्व से कार्यरत सेक्रेटरियों के स्थानांतरण एवं नई भर्ती के सचिवों की तैनाती में बड़े पैमाने पर फेरबदल किए गए। स्थानांतरण में वर्षों से एक ही जगह कार्यरत सेक्रेटरियों के ब्लॉक बदल दिए गए। साथ ही नई भर्ती के सेक्रेटरियों की तैनाती से पूर्व से कार्यरत सचिवों की ग्राम पंचायतों की संख्या भी घट गई। शासन के निर्देश पर किए तबादले से नाराज अधिकांश ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों ने नई तैनाती स्थल का चार्ज लिया और न ही पुरानी ग्राम पंचायतों का चार्ज नए सचिवों को दिया। नई ग्राम पंचायतों का चार्ज नहीं लेने एवं पुरानी का चार्ज नहीं देने से दोनों ग्राम पंचायतों का कार्य ठप पड़ गया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो चार्ज के आदान-प्रदान के चक्कर में जिले की करीब 30 फीसदी से अधिक ग्राम पंचायतों का कार्य करीब दो महीने से ठप हो गया है। ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं के कार्य नहीं हो पा रहे हैें। इसके पीछे जिला पंचायतराज विभाग व विकास विभाग में सेक्रेटरियों की तैनाती को लेकर चला आ रहा विवाद भी बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो खंड विकास अधिकारियों की ओर से सेक्रेटरियों को आवंटित किए गए गांवों पर जिला पंचायतराज अधिकारी ने रोक लगा दी थी। इसके जवाब में खंड विकास अधिकारियों ने स्थानांतरित ग्राम पंचायत अधिकारियों को नई ग्राम पंचायतों का चार्ज ही नहीं दिलाया। मुख्य विकास अधिकारी के प्रकरण का संज्ञान लेने के बाद स्थिति में कुछ सुधार आया है।
इनसेट
जल्द होगा स्थानांतरण आदेश का अनुपालन
जिला पंचायतराज अधिकारी अरविंद कुमार ने स्वीकार किया कि चार्ज के आदान-प्रदान से ग्राम पंचायतों के कार्य प्रभावित हैं। कहा कि खंड विकास अधिकारियों को पत्र जारी हुए हैं। जल्द ही स्थानांतरण आदेश का अनुपालन करा दिया जाएगा।