मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की ओर से की गई किसानों की कर्जमाफी की घोषणा से सुल्तानपुर जिले के करीब 35 हजार और अमेठी के 20 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इस दायरे में 10-20 हजार रुपये के कर्जदार से लेकर एक लाख तक कर्जदार आएंगे।
योजना में शामिल होने की उम्मीद पाले अन्य किसानों को सरकार की घोषणा से झटका लगा है। कर्जमाफी से अमेठी में करीब डेढ़ अरब और सुल्तानपुर ढाई अरब रुपये का खर्च आएगा। योगी सरकार के कर्जमाफी के फैसले से जिले से जिले के करीब 35 हजार किसानों का फायदा मिलेगा।
कर्जमाफी का दायरा एक लाख रुपये तक ही सीमित रहने से बाकी किसान योजना से बाहर हो गए हैं। योजना से बाहर हुए किसानों को सरकार की घोषणा से निराशा हाथ लगी है जबकि एक लाख रुपये तक का कर्ज लेने वालों की बल्ले-बल्ले है।
अनुमानित आंकड़ों के मुताबिक कर्जमाफी से जिले में ही करीब ढाई अरब रुपये का भार सरकार पर पड़ेगा। योगी सरकार ने विधानसभा चुनाव के पूर्व किसानों के लिए हुए कर्जमाफी का वादा किया था। सरकार बनने के बाद पहली बैठक में ही कर्जमाफी की घोषणा कर दी गई थी।
मंगलवार को योगी सरकार की पहली बैठक में कर्ज माफी की सीमा मात्र एक लाख रुपये निर्धारित कर दी। जिले में बड़ा लोन लेने वाले किसानों की संख्या अधिक है। इसमें विभिन्न प्रकार के कृषि कर्ज भी शामिल हैं। इन किसानों को कर्जमाफी का लाभ नहीं मिल सकेगा।
अनुमानित आंकड़ों के मुताबिक कर्जमाफी के दायरे में करीब 35 हजार किसान ही आ सकेंगे। इन किसानों की देनदारियों पर गौर किया जाय तो शासन को करीब ढाई अरब रुपये किसान ऋण पर चुकाने होंगे।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अमरनाथ राय ने कहा कि अभी सरकार ने घोषणा की है। आदेश मिलने के बाद ही राहत की श्रेणी मे आने वाले किसानों की संख्या पता चल सकेगी। आदेश मिलने पर उसका अनुपालन कराया जाएगा।
प्रदेश सरकार द्वारा मंगलवार को की गई कर्जमाफी की घोषणा को किसानों ने सराहा है। मोतिगरपुर निवासी विक्रमाजीत ने बताया कि उन्होंने 95 हजार कृषि कर्ज लिया था। सरकार की घोषणा से अब राहत मिल जाएगी। कृषि के लिए 30 हजार रुपये कर्ज लेने वाली मुनक्का देवी ने कहा कि यह अच्छा कदम है।
कुड़वार के बखतपुर निवासी राम स्वारथ यादव ने कहा कि किसानों का कर्ज माफ करके सरकार ने अपना वादा पूरा किया है। किसानों को इससे सहूलियत मिलेगी। राम कीरत मिश्र ने बताया कि उन्होंने एक लाख रुपये कर्ज लिया था। सरकार की घोषणा लाभकारी है लेकिन इसके दायरे में और किसानों को शामिल किया जाना चाहिए।
वहीं योगी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए कर्जमाफी के निर्णय का लाभ अमेठी के 20 हजार किसानों को मिलेगा। इन किसानों का कर्ज माफ करने के लिए शासन को डेढ़ अरब रुपये चुकाने होंगे। हालांकि कर्जमाफी का दायरा मात्र एक लाख तक सीमित करने से जिले के करीब 25 हजार किसानों को निराशा झेलनी पड़ी है।
अमेठी जिले में मार्च 2016 से पहले कुल 38,385 किसानों ने विभिन्न बैंकों से तीन अरब 30 करोड़ 81 लाख रुपये का फसली ऋण लिया था। इसी तरह मार्च 2016 के बाद 6210 किसानों ने 59 करोड़ पांच लाख रूपये का ऋण केसीसी पर लिया था।
कुल मिलाकर वित्तीय वर्ष 2016-17 की समाप्ति तक जिले में फसली ऋध लेने वालों की संख्या 44, 595 और कर्ज ली गई धनराशि तीन अरब 89 करोड़ 86 लाख रुपये हो गई है। केसीसी पर कर्ज लेने वाले किसानों ने लघु व सीमांत दोनों तरह के किसान थे। इन किसानों ने 10 हजार रूपये से लेकर पांच लाख रूपये तक के ऋण लिए थे।
विधानसभा चुनाव से पूर्व भारतीय जनता पार्टी ने किसानों का कर्ज माफ करने का बड़ा ऐलान किया था। अपना वादा निभाते हुए योगी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में मंगलवार को कर्जमाफी के निर्णय पर मुहर भी लग गई। हालांकि कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय में सिर्फ उन किसानों का कर्ज माफ करने की बात कही गई है।
जिनका फसली ऋण मात्र एक लाख रूपये का है। ऐसे में योगी सरकार के इस फैसले का लाभ जिले के महज 20 हजार किसानों को ही मिल सकेगा। इन किसानों का कर्ज चुकता करने के लिए शासन को करीब डेढ़ अरब रूपये चुकाने होंगे। हालांकि शासन के इस निर्णय से उन 24595 किसानों को झटका भी लगा है। जिनका फसली ऋण एक लाख रुपये से अधिक का है।
एलडीएम मनमोहन शुक्ला ने बताया कि अभी लोन माफी को लेकर कोई आदेश नहीं मिल सका है। फिलहाल मुख्यालय को केसीसी का ऋण लेने वाले किसानों का अलग-अलग ब्यौरा भेज दिया गया है।