सुल्तानपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में हिस्सा लेने वाले 28,179 प्रत्याशी अपना चुुनावी खर्च दाखिल करना भूल गए हैं। यही नहीं जमानत राशि वापसी के लिए भी किसी ने अभी तक आवेदन नहीं किया है। सोमवार को आवेदन की समय सीमा समाप्त हो जाने से अब सभी की जमानत राशि जब्त होने के आसार बढ़ गए हैं।
वर्ष 2021 के त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन में जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव अप्रैल में कराए गए थे। मई में नतीजों की घोषणा हुई थी। चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत में ही निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों को अपना चुनावी खर्च समय से दाखिल करने का निर्देश दिया था।
आयोग ने इसके लिए प्रत्याशियों को तीन माह का समय दिया था। निर्देश के बाद भी पंचायत चुनाव में विभिन्न पदों पर तकदीर आजमाने वाले 28,179 प्रत्याशी अपना चुनावी खर्च दाखिल करना भूल गए। निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक निर्धारित तीन माह के समय में निर्वाचन में अपनी जमानत राशि बचाने व नहीं बचा पाने वाले किसी प्रत्याशी ने अपना चुनावी खर्च दाखिल नहीं किया।
दो अगस्त को आयोग की ओर से निर्धारित चुनावी खर्च दाखिल करने की समय सीमा समाप्त हो गई। अभी तक किसी प्रत्याशी की ओर से चुनावी खर्च दाखिल नहीं किए जाने से अब जमानत राशि बचा पाने व नहीं बचा पाने वाले सभी 28,179 प्रत्याशियों की जमानत राशि जब्त होने की संभावना बढ़ गई है।
पदवार हिस्सा लेने वाले प्रत्याशी
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कुल 28,179 प्रत्याशियों ने हिस्सा लिया था। इसमें जिला पंचायत सदस्य पद के लिए 1182, ग्राम प्रधान के लिए 8,474, क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 6,913 व ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 11,623 प्रत्याशियों ने अपनी तकदीर आजमाई थी। इसमें ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव में 7110 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए थे।
14,262 पदों पर कराए गए चुनाव
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कुल 14,264 पदों पर चुनाव कराए गए थे। इसमें जिला पंचायत के 45, ग्राम प्रधान के 979, क्षेत्र पंचायत के 1136 व ग्राम पंचायत सदस्य के 12,104 पद पर चुनाव हुए थे। चुनाव दौरान ग्राम पंचायत सदस्य के कुछ पद पर नामांकन नहीं दाखिल होने से वे रिक्त रह गए थे।
जब्त हो सकती जमानत राशि
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत कमलेश बाजपेयी ने बताया कि दो अगस्त तक आयोग की ओर से चुनावी खर्च दाखिल करने की समय सीमा रखी गई थी। इस तिथि तक किसी प्रत्याशी ने अपना चुनावी खर्च दाखिल नहीं किया। इसकी रिपोर्ट आयोग को भेज दी गई है। अब सभी प्रत्याशियों की जमान तराशि जब्त हो सकती है।