‘अमर उजाला’ में 13 जुलाई के अंक में ‘मान्यता पांचवीं तक, कक्षाएं चल रहीं इंटरमीडिएट की’ शीर्षक से छपी खबर का संज्ञान लेते हुए बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से बिना मान्यता वाले विद्यालयों की जांच कराई है। खंड शिक्षाधिकारियों की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में कुल 255 विद्यालय बगैर मान्यता संचालित होते पाए गए हैं। इन संस्था संचालकों को बीएसए ने शनिवार को नोटिस थमाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
जिले में बिना मान्यता के धड़ल्ले से तमाम विद्यालय संचालित हो रहे हैं। कुछ विद्यालय तो ऐसे भी हैं जिन्हें कक्षा पांच या फिर आठ तक मान्यता मिली है लेकिन कक्षाएं इंटरमीडिएट तक की चला रहे हैं। ऐसे विद्यालयों में जहां नौनिहालों का भविष्य बर्बाद हो रहा हैं वहीं अभिभावकों से मनमानी वसूली भी की जाती है।
‘अमर उजाला’ में 13 जुलाई के अंक में ‘मान्यता पांचवीं तक, कक्षाएं चल रहीं इंटरमीडिएट की’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद बीएसए रमेश यादव ने खंड शिक्षाधिकारियों की टीम गठित कर जिले भर में जांच कराई।
बीएसए ने बताया कि बीईओ की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में कुल 255 विद्यालय बगैर मान्यता के संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालय संचालकों को नोटिस दी जा रही है। किसी भी दशा में जिले में अमान्य विद्यालय संचालित नहीं होने दिए जाएंगे। यदि फिर भी ये विद्यालय संचालक नहीं मानते हैं तो संबंधित संस्था संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
मान्यता प्राप्त स्कूल में ही कराएं प्रवेश : बीएसए
बीएसए ने अभिभावकों से अपेक्षा की है कि वे अपने पाल्यों का प्रवेश राजकीय, परिषदीय व विभाग से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही कराएं। गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय में नामांकन कदापि न कराएं। ब्लॉक संसाधन केंद्र व बीएसए कार्यालय में राजकीय, परिषदीय व मान्यता प्राप्त विद्यालयों की सूची उपलब्ध रहती है। अभिभावक यहां से जानकारी ले सकते हैं।