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2467 शिक्षामित्र अब नहीं रहेंगे शिक्ष्ाक

Sat, 12 Sep 2015 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
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लंबे समय से कोर्ट के निर्णय पर निगाह गड़ाए शिक्षामित्रों को मायूसी हाथ लगी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के शिक्षामित्रों के समायोजन रद्द करने संबंधी आदेश से जिले के शिक्षामित्र सन्न रह गए। जिले के 2 हजार 467 शिक्षामित्रों में 2 हजार 342 का शिक्षक पद पर समायोजन हो चुका है।
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कोर्ट के फैसले से शिक्षक पद पर समायोजित शिक्षक फिर से शिक्षामित्र हो जाएंगे। जिले में कुल 2 हजार 467 शिक्षामित्र थे। इनमें से 2 हजार 342 का समायोजन शिक्षक पद पर हो चुका है। पहले बैच में 1000 शिक्षामित्र समायोजित हुए थे, जबकि दूसरे बैच में 1342 शिक्षामित्रों का समायोजन हुआ था।

125 शिक्षामित्रों का समायोजन होना बाकी था। शिक्षामित्र से स्थाई शिक्षक बनने की उम्मीद पाले शिक्षामित्रों को उच्च न्यायालय के इस निर्णय से गहरा आघात लगा है। लंबे संघर्ष के बाद शिक्षामित्रों को स्थाई शिक्षक के पद पर प्रदेश सरकार ने समायोजन करने का आदेश दिया था। शिक्षक बने कई सहायक अध्यापक वेतन भी पा चुके हैं, जबकि कई लोगों के कागजातों का सत्यापन चल रहा है।
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धैर्य बनाए रखें शिक्षामित्र
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्रा ने कहा कि जिले के शिक्षामित्र धैर्य बनाए रखें। शिक्षामित्र स्थाई शिक्षक ही बने रहेंगे, इसके लिए हम हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील करेेंगे। शिक्षामित्रों के हित के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी।

स्थानांतरण प्रक्रिया पर होगा असर
जिले के अंदर हो रही शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया में भी हाईकोर्ट के फैसले का असर पड़ेगा। शिक्षामित्र से शिक्षक बने कई लोग अपने ब्लॉक से दूसरे ब्लॉकों में नियुक्त है। स्थानांतरण प्रक्रिया में इन लोगों ने आवेदन किए हैं। स्थानांतरण के लिए खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से जमा आवेदन पत्रों में अधिकतर आवेदन शिक्षामित्र से शिक्षक बने लोगों के हैं।

सुप्रीम कोर्ट में कर सकते अपील
पूर्व डीजीसी क्रिमिनल एमपी त्रिपाठी ने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले से निराश पक्षकार सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल कर सकते हैं। शिक्षामित्रों को शिक्षक के पद पर नियुक्त करने वाली प्रदेश सरकार भी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल कर सकती है।

आदेश के बाद ही होगी कार्रवाई
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेश यादव ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के पास जाएगी। वहां से आदेश मिलने के बाद ही कार्यवाही की जाएगी। कोर्ट का जो भी आदेश होगा, अनुपालन किया जाएगा।
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