चीफ इंजीनियर के आदेश पर रिमॉडलिंग प्रोजेक्ट रेलपथ निर्माण इकाई को ट्रांसफर कर दिया गया है। तीन वर्ष के लंबे ठहराव के बाद सुल्तानपुर जंक्शन के यार्ड रिमॉडलिंग को रेल प्रशासन ने हरी झंडी दिखा दी है। ट्रैक संख्या छह, सात, आठ और नौ पर नई रेलवे लाइन बिछाने की कवायद इंजीनियरों ने शुरू कर दी है।
प्रत्येक ट्रैक इस लंबाई का बनाया जाएगा, जिससे लंबी मालगाड़ियों का यहां आसानी से ठहराव किया जा सके। लंबी मालगाड़ियों के संचालन में नए ट्रैक बनन के बाद समस्या नहीं आएगी। मंडल रेल प्रबंधक एके लाहोटी के आदेश पर प्रोजेक्ट चालू इकाई से रेलपथ निर्माण इकाई को ट्रांसफर कर दिया गया है। नई रेल लाइनों का निर्माण कार्य बाधित न हो, इसके लिए रेल मुख्यालय ने चार करोड़ का बजट मंजूर कर लिया है।
ट्रेन परिचालन विभाग को यार्ड रिमॉडलिंग के दौरान बेहद सतर्क रहना होगा। 52 यात्री गाड़ियों को समय पर चलाने के साथ स्टेशन मास्टरों को मालगाड़ियों को भी नियंत्रित करना होगा। यार्ड में मालगाड़ियों का प्रवेश बंद होने से वे यात्री प्लेटफार्म से संचालित की जाएंगी।
सहायक मंडल अभियंता निर्माण जय कृष्णन ने बताया कि यार्ड रिमॉडलिंग का प्रोजेक्ट मंजूर कर लिया गया है। चार ट्रैक तैयार करने में चार करोड़ की धनराशि खर्च होगी। प्रभारी सहायक मंडल अभियंता आरके सैनी ने बताया कि लाइन संख्या छह से नौ के बीच रेल संचालन रोक दिया गया है।