सुल्तानपुर। शासन की सख्ती पर डीएम की ओर से कराए गए विद्यालयों की चेकिंग में दूध वितरण नहीं होने वाले 220 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व इंचार्ज प्रधानाध्यापक को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। मेन्यू के मुताबिक एमडीएम नहीं बनाने वाले 95 स्कूलों के हेडमास्टर को कड़ी चेतावनी दी गई है।
आठ विद्यालयों की चेकिंग में एमडीएम का चूल्हा ठंडा पाया गया, जहां पर प्रधान व हेडमास्टर को नोटिस जारी की गई है। 52 स्कूलों के हैंडपंप खराब पाए जाने पर जल निगम के एक्सईएन को बनवाने के लिए निर्देशित किया गया है। बीएसए की कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मचा है, जबकि शिक्षकों में रोष है।
दूध वितरण में जिला फिसड्डी साबित हुआ था। शासन ने डीएम को पत्र भेजकर प्रदेश में नीचे से तीसरा स्थान होने के कारण कड़ी चेतावनी दी थी। स्थिति सुधारने के लिए सख्त हिदायत दी गई थी। बीते बुधवार को डीएम की ओर से अधिकारियों की गठित टीम की ओर से जिले के कुल 1809 विद्यालयों की जांच कराई गई। जिला समन्वयक (एमडीएम) संदीप यादव ने बताया कि निरीक्षण रिपोर्ट की फीडिंग के बाद 220 विद्यालयों में दूध वितरण नहीं पाया गया है। बीएसए रमेश यादव ने बताया कि जिन स्कूलों में दूध का वितरण नहीं किया गया है वहां के प्रधानाध्यापक व इंचार्ज प्रधानाध्यापक को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई है।
मेन्यू के मुताबिक 95 स्कूलों में एमडीएम का खाना नहीं बना था। यहां के हेडमास्टरों को कड़ी चेतावनी जारी की गई है। आठ स्थानों पर एमडीएम बंद पाया गया है जिसके लिए संबंधित प्रधानाध्यापक व प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। बीएसए ने बताया कि यदि संबंधित की ओर से वाजिब जवाब नहीं मिलता है तो एमडीएम का संचालन विद्यालय प्रबंध समिति से कराया जाएगा।
निरीक्षण रिपोर्ट के मुताबिक 52 विद्यालयों का हैंडपंप खराब मिला है। खराब हैंडपंप बनवाने के लिए जल निगम के एक्सईएन को निर्देशित किया गया है। वहीं, बीएसए की कार्रवाई से शिक्षकों में रोष है।