सुल्तानपुर। विकास कार्यों में अनियमितता की जांच में दोषी पाई गईं नगर पालिका चेयरमैन बबिता जायसवाल व उनके पति अजय जायसवाल पर शिकंजा कसता जा रहा है। सभासदों की याचिका पर हाईकोर्ट ने शासन ने की गई कार्रवाई के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। हाईकोर्ट के आदेश से चेयरमैन खेमे में खलबली मच गई है।
सभासद अमोल वाजपेयी, मंजू सिंह समेत 12 सभासदों की ओर से की गई शिकायत पर डीएम विवेक ने पांच सदस्यीय अधिकारियों की टीम बनाकर जांच करवाई थी। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अमरनाथ राय के नेतृत्व में बनी कमेटी की जांच में सिर्फ बिंदु संख्या छह को छोड़कर नगर पालिका चेयरमैन एवं उनके पति सभी में दोषी पाए गए हैं।
जांच रिपोर्ट मिलने पर जिलाधिकारी विवेक ने 12 अक्तूबर 2018 को प्रमुख सचिव नगर विकास को पत्र भेजते हुए कार्रवाई की संस्तुति की थी। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर सभासद मंजू देवी समेत अन्य सभासदों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।
याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रकरण में शासन ने तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। हाईकोर्ट की ओर से शासन से जवाब मांगने से मामला गरमा गया है। ब्यूरो