- फर्जी कंपनी के नाम पर करोड़ों की टैक्स चोरी सामने आने के बाद सख्ती
- अब तक 3060 फर्मों की जांच, नहीं मिला कर चोरी का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सुल्तानपुर। फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों रुपये की कर चोरी का मामला सामने आने के बाद अन्य पंजीकृत व्यवसायियों की फर्मों पर सख्ती की गई है। कर चोरी के अंदेशे में शासन के निर्देश पर व्यवसायियों की पंजीकृत 19,161 फर्मों की जांच शुरू हो गई है। हालांकि, अब तक 3060 फर्मों की जांच में राज्य कर विभाग के हाथ कुछ नहीं लगा है।
राज्य कर विभाग ने शासन के आदेश पर करीब तीन माह पहले हुई जांच में शहर के चौक घंटाघर के पते पर पंजीकृत फर्म के जरिये कई करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी व बैंक लोन की हेराफेरी पकड़ी गई थी। जांच में मिला था कि फर्म संचालक ने पंजाब राज्य का अपना पता दर्शाया था, लेकिन व्यवसाय सुल्तानपुर के चौक घंटाघर में करना दर्शाया था। उसने कई व्यवसायियों को माल भेजना दर्शाया था, लेकिन वास्तव में माल कुछ नहीं भेजा था।
इस पर राज्य कर विभाग के उपायुक्त अभिषेक चौहान ने कोतवाली नगर में केस दर्ज कराते हुए रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी थी। इसमें कई करोड़ रुपये की हेराफेरी का मामला मिलने पर राज्य कर आयुक्त ने विभाग को सभी पंजीकृत व्यवसायियों की फर्मों की जांच के निर्देश दिए हैं। आयुक्त के पत्र के बाद विभाग ने जिले में 19,161 पंजीकृत फर्मों की जांच शुरू कर दी है। इसमें केंद्र की जीएसटी योजना के तहत पंजीकृत 9,161 और राज्य कर के पंजीकृत 10 हजार व्यवसायी शामिल हैं। अभी तक हुई 3060 फर्मों की जांच हो चुकी है। हालांकि, विभाग के हाथ कुछ नहीं लगा है।
कोट-
सभी की होगी जांच
राज्य कर उपायुक्त अभिषेक सिंह चौहान ने बताया कि पंजीकृत व्यवसायियों की जांच व रेकी की जा रही है। पंजाब के मामले के बाद दूसरा प्रकरण अभी कर चोरी का नहीं मिला है। बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया में सहूलियत की वजह से कर चोरी की आंशका पर शासन की ओर से जांच कराई जा रही है। सभी की जांच की जाएगी।