सुल्तानपुर। अमृत कार्यक्रम के तहत जल निगम की ओर से शहर के पाइप लाइन के विस्तार का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इसके अंतर्गत शहर के ऐसे छूटे इलाकों को भी शामिल किया गया है, जहां पर पाइप लाइन का विस्तार नहीं हो सका था।
शहर में अब भी करीब 35 किमी के दायरे में पाइप लाइन का विस्तार होना बाकी है। शहर में 4,416 परिवारों को पानी के नए कनेक्शन दिए जाने थे। इसमें से लगभग 2,500 कनेक्शन हो चुके हैं। पाइप लाइन विस्तार का कार्य प्रगति पर है। जल्द ही 1,916 परिवारों को भी कनेक्शन दे दिए जाएंगे। कनेक्शन होने के बाद इन परिवारों को निर्बाध जलापूर्ति मिलने लगेगी।
जल निगम की ओर से अमृत कार्यक्रम के तहत पेयजल पुनर्गठन परियोजना के अंतर्गत जल निगम 20.54 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। इसके तहत शहर में कुल 105 किमी. के दायरे में नई पाइप लाइन का विस्तार होना है। इसमें से अभी तक करीब 70 किमी परिक्षेत्र में पाइप लाइन पड़ चुकी है।
करीब 35 किमी के क्षेत्र में अभी नई पाइप लाइन बिछाई जानी बाकी है। इस बार जल निगम का फोकस ऐसे क्षेत्रों पर है, जहां के लोग नए कनेक्शन से वंचित रह गए हैं। नगर पालिका की ओर से शहर में पेयजल व्यवस्था के लिए पुराने कनेक्शन 12,000 संचालित हैं।
अमृत योजना के अंतर्गत नगर पालिका क्षेत्र के हर घर में निर्बाध जलापूर्ति देने की व्यवस्था की जा रही है। करीब दो वर्ष पहले अमृत योजना के अंतर्गत जल निगम की ओर से सर्वे कराकर 1,798 पानी के नए कनेक्शन दिए गए थे। दोबारा किए गए सर्वे में नए कनेक्शन के लिए 4,416 परिवार चिह्नित किए गए।
ये ऐसे क्षेत्र हैं, जहां तक पाइप लाइन नहीं पहुंची थी, इन क्षेत्रों में या तो सबमर्सिबल पंप या हैंडपंप के जरिए लोग पानी का प्रबंध कर रहे थे। जल निगम की इस परियोजना की वजह से जल्द से जल्द ऐसे स्थानों पर निर्बाध जलापूर्ति की व्यवस्था मिलने लगेगी। कोरोना काल लगने के बाद से पिछले वर्ष से पाइप लाइन बिछाने का कार्य सुस्त पड़ गया था।
इस वर्ष कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद पेयजल योजना पर कार्य तेज कर दिया गया है। 4,416 में से अब तक करीब 2,500 परिवारों को नए कनेक्शन दिए जा चुके हैं। अब जल निगम के सामने 1,916 नए परिवारों को कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य शेष है। अधिकारियों का कहना है कि कार्य प्रगति पर है। जल्द ही ये कनेक्शन भी जल निगम की ओर से करवा दिए जाएंगे। कनेक्शन पूरा होने के बाद 1,916 परिवारों को निर्बाध जलापूर्ति मिलने लगेगी।
जलापूर्ति के लिए पांच जोन में बंटा शहर
पेयजल पुनर्गठन परियोजना में निर्बाध जलापूर्ति के लिए जल निगम ने शहर को पांच जोन में बांटा है। जोन ए में पहला क्षेत्र ए वन शास्त्रीनगर है। दूसरा क्षेत्र ए टू सिविल लाइंस है। दूसरे जोन के टू ए क्षेत्र में निरालानगर, विवेकनगर व आस-पास के क्षेत्र शामिल किए गए हैं।
वहीं, दूसरे जोन के टू बी क्षेत्र में सेनानी विहार, गभड़िया समेत आस-पास के क्षेत्र शामिल किए गए हैं। जोन थ्री में नरायनपुर, सौरमऊ समेत आस-पास के क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति के लिए अलग-अलग ओवरहेड टैंक स्थापित किए गए हैं। जिनसे जलापूर्ति की व्यवस्था की जा रही है।
पेयजल पुनर्गठन परियोजना के तहत हो रहा कार्य
हमारा लक्ष्य है कि शहरी क्षेत्र में जिन स्थानों पर लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है, वहां पर निर्बाध जलापूर्ति की व्यवस्था जल्द से जल्द सुनिश्चित करा दी जाय। इसके लिए पेयजल पुनर्गठन परियोजना के अंतर्गत कार्य चल रहा है।
- आरएस यादव, एक्सईएन, जल निगम।