सुल्तानपुर। तीन हफ्ते पूर्व दोस्तपुर के पलिया देवापुर बाजार में फ्रेंचाइजी में हुई लूटपाट व हत्या का खुलासा पुलिस ने शनिवार को कर दिया। एक लुटेरे को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा और लूटे गए रुपयों में से 3805 रुपये भी पुलिस ने बरामद कर लिए। घटना में शामिल अन्य लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
दोस्तपुर थाना क्षेत्र के पलिया देवापुर गांव निवासी शैलेंद्र विश्वकर्मा की पलिया देवापुर बाजार में बड़ौदा पूर्वी उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की फ्रेंचाइजी है। 13 जुलाई 2021 की दोपहर पलिया देवापुर गांव निवासी शेषमणि पांडेय का पुत्र शुभम पांडेय (23) घर से शैलेंद्र की फ्रेंचाइजी के पास पहुंचा था।
जहां शैलेंद्र शुभम को बैठाकर उसकी बाइक से घर खाना खाने चला गया। थोड़ी देर बाद ही एक बाइक पर सवार तीन नकाबपोश दुकान पर पहुंचे और असलहा दिखा कर लूटपाट शुरू कर दी थी। फ्रेंचाइजी से रुपये निकालने पहुंचे नीरज मौर्या से बदमाशों ने नौ हजार रुपये लूट लिया था।
इसके बाद गल्ले में रखे रुपया लूटने लगे तो शुभम बदमाशों से भिड़ गया था। शुभम के विरोध करने पर बदमाशों ने उसे गोली मार दी और गल्ले में रखा करीब 38 हजार रुपये लूटकर भाग गए। बदमाशों ने इसके बाद करीब पांच सौ मीटर दूर स्थित जनसुविधा केंद्र के संचालक धर्मेंद्र से भी असलहा सटाकर पांच हजार रुपये लूटे।
एसपी डॉ. विपिन कुमार मिश्र ने एएसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव को खुलासे की जिम्मेदारी सौंपी थी। एएसपी ने टीम गठित कर जांच शुरू की। शुक्रवार रात स्वॉट टीम कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के अमरेथू डड़िया के पास मौजूद थी। तभी सूचना मिली कि कुछ लोग लूट की योजना बना रहे हैं। टीम ने छापा मारा तो दो लोग भाग निकले जबकि एक युवक दबोच लिया गया।
उसकी पहचान माधवेश तिवारी निवासी कटघरा भीलमपुर के रूप में की गई। उसके पास से एक तमंचा, कारतूस के साथ ही 3805 रुपये भी मिले। एएसपी विपुल श्रीवास्तव ने शनिवार को बताया कि पकड़ा गया माधवेश तिवारी दोस्तपुर के फ्रेंचाइजी में हुई लूट व हत्या में शामिल था। 13 जुलाई को माधवेश तिवारी ने अपने अन्य साथियों के साथ दोस्तपुर में दो और कादीपुर में एक लूट की घटना को अंजाम दिया था। लूट की घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
महंगे शौक पूरा करने के लिए करते थे लूटपाट
सुल्तानपुर। एएसपी विपुल श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार किया गया माधवेश तिवारी पूर्व में भी कई मुकदमे नामजद है। पूछताछ में माधवेश ने स्वीकार किया कि महंगे शौक पूरा करने के लिए वह आपराधिक वारदात करता था।