गौरीगंज। जिले में तैनात सात सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) व तीन एएनएम को बीते चार वर्षों से स्वास्थ्य विभाग अधिक वेतन का भुगतान कर रहा है। महानिदेशालय ने यह गड़बड़ी आडिट के दौरान पकड़ी है। तीन वित्तीय वर्ष का मामला पकड़ में आने के बाद वित्त नियंत्रक परिवार कल्याण ने सीएमओ को पत्र भेजकर अधिक वेतन भुगतान करने व लेने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर रिपोर्ट एक माह के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सीएमओ ने मामले की जांच शुरू करते हुए संबंधित कर्मचारियों को अधिक वेतन भुगतान की धनराशि सरेंडर करने का निर्देश दिया है। बीते दिनों परिवार कल्याण महानिदेशालय के आंतरिक संप्रेक्षा दल ने अमेठी सीएमओ कार्यालय के वित्तीय वर्ष 2013-14, 14-15 व 15-16 के अभिलेखों का ऑडिट किया। ऑडिट के दौरान वेतन भुगतान के मामले में जिले में बड़ी अनियमितता बरते जाने का मामला सामने आया है। ऑडिट टीम ने पाया कि जिले के स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन वर्षों में सात सहायक समीक्षा अधिकारी तथा तीन एएनएम को अधिक वेतन का भुगतान किया गया है। टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद वित्त नियंत्रक परिवार कल्याण ने सीएमओ को अनियमितता के दोषी कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करने के साथ वेतन भुगतान के मद में दी गई ज्यादा धनराशि की रिकवरी सुनिश्चित कराने को कहा है। वित्त नियंत्रक के पत्र पर मामले की जांच शुरू करते हुए सीएमओ ने अधिक वेतन लेने वाले कर्मचारियों को धनराशि सरेंडर करने का निर्देश दिया है।
माह भर में मांगी अनुपालन रिपोर्ट
सीएमओ कार्यालय को प्राप्त ऑडिट रिपोर्ट के साथ एक पत्र भी भेजा गया है। पत्र में ऑडिट में मिली गड़बड़ी के प्रत्येक बिंदु पर स्पष्ट अनुपालन आख्या आवश्यक साक्ष्यों के साथ निर्धारित प्रारूप पर एक माह के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
होगी कार्रवाई : सीएमओ
सीएमओ डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि मामला गंभीर है। प्रकरण की जांच चल रही है। जांच के बाद ज्यादा वेतन लेने व देने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ज्यादा भुगतान पाने वाले कर्मियों द्वारा धनराशि सरेंडर नहीं करने की दशा में आगणित धनराशि की कटौती उनके वेतन से की जाएगी।