धान बेचने को अब कराना
होगा ऑनलाइन पंजीकरण
क्रासर
शासन के आदेश ने बढ़ाई किसानों की मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। सरकारी दर पर धान खरीद शुरू होने से पूर्व शासन की ओर से जारी एक आदेश ने किसानों (विशेषकर अशिक्षित) को परेशानी में डाल दिया है। जारी आदेश में कहा गया है कि जिला प्रशासन की ओर से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद जिले के अलग-अलग ब्लॉकों में खुलने वाले सभी एजेंसियों के क्रय केंद्रों पर सिर्फ उन्हीं किसानों का धान खरीदा जाएगा जिन्होंने इसके लिए पहले से ऑनलाइन पंजीयन करवाया होगा। ऑनलाइन पंजीयन कराने के लिए किसानों को ऑनलाइन खतौनी की नकल, बैंक पास बुक, बैंक का आईएफससी कोड, आधार कार्ड व पासपोर्ट साइज फोटो लेकर जन सुविधा केंद्र अथवा किसी भी साइबर कैफे पर जाना होगा। जन सुविधा केंद्र अथवा साइबर कैफे में विशेष वेबसाइट पर पंजीयन कराने के बाद किसान को पंजीयन नंबर और उसका प्रिंटआउट एसएमआई या उस केंद्र के प्रभारी को देना होगा, जहां अपना धान बेचना हो। हालांकि इस व्यवस्था में किसानों को इतनी सहूलियत जरूर दी गई है कि वह अपनी सुविधा के हिसाब से धान बेचने की तिथि नियत कर सकता है।
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पंजीयन अनिवार्य : डिप्टी आरएमओ
धान खरीद की नोडल एजेंसी विपणन शाखा के डिप्टी आरएमओ भीमाचंद गौतम ने बताया कि यह किसानों को बिचौलियों से बचाने के लिए सरकार की ओर से लागू अनिवार्य व्यवस्था है। ऑनलाइन पंजीयन का काम शुरू हो गया है। जो किसान पंजीयन नहीं कराएंगे सरकारी दर पर उनका धान नहीं खरीदा जा सकेगा।