सुल्तानपुर। लखनऊ-वाराणसी फोरलेन के दूसरे खंड के निर्माण में फिर गड़बड़ी का मामला सामने आ रहा है। निर्माण के दौरान सडक़ व ड्रेन के बीच एक से डेढ़ फिट कंपनी ने जगह छोड़ दी है।
ये खाली जगह अब मिट्टी व ईंट-पत्थरों से भरी जा रही है। ड्रेन व सड़क के बीच जगह छोड़े जाने से यातायात संचालन के दौरान दुर्घटना की आशंका बढ़ती जा रही है।
सूबे की राजधानी लखनऊ से वाराणसी को फोरलेन से जोडने के लिए सुल्तानपुर से वाराणसी तक दूसरे खंड का निर्माण चल रहा है। निर्माण के दौरान पयागीपुर से लेकर लोहरामऊ के बीच में कई जगहों पर कंपनी ने मानक को दरकिनार कर दिया है।
कार्यदायी फर्म फोरलेन व ड्रेन के बीच में एक तरफ करीब एक से डेढ़ फिट की जगह कई जगहों पर छोड़ दी है। छूटी हुई जगह को लेन की तरह कंक्रीट नहीं बनाए जाने से अब उसमें मिट्टी व ईंट-पत्थर भरने लगे हैं।
तकनीकी जानकारों की मानें तो निर्माण के दौरान खाली जगह एक साथ कंक्रीट नहीं किए जाने से अब उसमें उतनी मजबूती से कंक्रीट किया जाना संभव नहीं है। छूटी कंक्रीट नहीं होने से यातायात संचालन के दौरान भारी वाहनों का आवागमन शुरू होते ही दुर्घटना की आशंका बढ़ती जा रही है।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर एसबी सिंह का कहना है कि कंक्रीट रोड व ड्रेन के बीच में जगह नहीं छोड़ी जानी चाहिए। प्रकरण की जानकारी नहीं है। इंजीनियरों को मौके पर भेजकर इसकी जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।