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गोमती नदी

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गोमती में बाढ़ से औदहा गांव भी बना टापू
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सुल्तानपुर। गोमती नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से कई गांव बाढ़ के मुहाने पर आ चुके हैं। जासरपुर के बाद औदहा गांव पानी से पूरी तरह घिर गया है। गांव की करीब 200 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। गांव का मुख्य मार्ग जलमग्न होने से करीब 300 लोगों के लिए निकलने का रास्ता नहीं बचा है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से क्षेत्र के सैकड़ों लोग डरे हुए हैं।

गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से धनपतगंज विकास खंड क्षेत्र के तटवर्ती गांव अमऊ व जासरपुर पहले ही नदी के पानी से घिरे हैं। जासरपुर से करीब चार किमीमीटर दूर स्थित औदहा गांव भी नदी के पानी से घिरकर टापू बन गया है। गांव के मुख्य मार्ग पर ढाई से तीन फीट तक पानी भरा हुआ है। इससे गांव करीब 300 लोगों के बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया है। ग्रामीण किसी तरह बाहर निकल पा रहे हैं। औदहा गांव में 200 बीघा से अधिक धान, गन्ना व अन्य फसलें पानी में डूब चुकी हैं।
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लल्लन, विवेक, दुर्गा पांडेय, शशिकांत, रामतेज, रमापति, विमलेश, अखिलेश आदि किसानों के मुताबिक मुख्य मार्ग जलमग्न होने से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों की सुधि लेने अभी तक प्रशासन का कोई अधिकारी नही पहुंचा है। इलाके में अभी तक बाढ़ चौकियां भी नहीं बन सकी हैं। जासरपुर और अमऊ गांव में पहले से पानी भरा है। इन दोनों गांव के निवासी बाहर निकलने के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं। क्षेत्र के धर्मदासपुर, बगियवा, जज्जौर, लाठियाही, गयादत्त का पुरवा, माधवपुर, सिहोरिया समेत करीब 14 गांव बाढ़ के मुहाने पर हैं।

खतरे के निशान के पास पहुंचा गोमती का पानी
सुल्तानपुर। गोमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। जलस्तर में वृद्धि होने से सीताकुंड घाट पर भी सीढ़ियों पर ऊपर की ओर पानी चढ़ने लगा है। शनिवार को गोमती नदी का जलस्तर 83.200 मीटर तक पहुंच चुका था। रविवार को गोमती नदी का जलस्तर बढ़कर 83.470 मीटर पहुंच गया। यह खतरे के निशान 84.735 मीटर से महज 1.265 मीटर नीचे है। नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि से आस-पास के इलाके में रहने वालों की चिंता बढ़ गई है।
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शहर की मंडी जलमग्न, कई मोहल्लों में जलभराव
सुल्तानपुर। जिले में शनिवार रात काफी देर तक हुई तेज बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। बरसात से मंडी परिसर जलमग्न हो गया। मंडी के व्यापारियों को कारोबार जलभराव के चलते पूरी ठप हो गया। शहर के कई मोहल्ले में भी यही स्थिति देखने को मिली। सड़कों पर जलभराव व कीचड़ से लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी हो रही है। रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में 24 घंटे के दौरान बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई है। नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम पर्यवेक्षक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि रविवार को अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 28.5 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जिला प्रशासन की मानें तो 24 घंटे के दौरान जिले के 51.0 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
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