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शासन के आदेश पर डीएम ने पुलिस अधिकारियों के साथ जिला जेल में मारा छापा

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डीएम ने अफसरों के साथ जेल में मारा छापा
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सुल्तानपुर। जिला कारागार में बंदियों की मौज-मस्ती का मंगलवार को वीडियो जारी होने के बाद जिले में हड़कंप मचा है। शासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम से रिपोर्ट मांगी है।

शासन के सख्त रुख को देखते हुए बुधवार को जिलाधिकारी ने न्यायिक मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारियों के साथ जेल में छापा मार दिया। छापे के दौरान डीएम ने इसकी बात की पुष्टि की कि वायरल वीडियो कारागार सुल्तानपुर का ही है।
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डीएम ने पूरे मामले में दो प्रशासनिक व दो पुलिस के अधिकारियों की टीम गठित कर 24 घंटे में जांच रिपोर्ट देने को कहा है। वहीं शासन ने भी जांच के लिए डीआईजी जेल अयोध्या को सुल्तानपुर भेजा है।

जिला कारागार के बैरक नंबर 13 से मंगलवार को एक वीडियो बनाकर वायरल किया गया था। वायरल वीडियो में पिस्टल की कारतूस, करीब दो लाख रुपये के साथ ही अन्य सामान दिखाया गया था।

वीडियो वायरल होने के बाद आनन-फानन में जिला कारागार प्रशासन ने चार बंदियों का गैर जनपद की जेल में स्थानांतरण कर दिया था। बुधवार की सुबह शासन ने वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए डीएम सुल्तानपुर सी. इंदुमती से जवाब मांगा।

शासन के रुख को देखते हुए डीएम सी. इंदुमती, न्यायिक मजिस्ट्रेट अशालिका पांडेय, एएसपी सिटी डॉ. मीनाक्षी कत्यायान, एएसपी ग्रामीण शिवराज के साथ जेल में छापा मार दिया।

छापे के दौरान अधिकारियों ने वायरल वीडियो की हकीकत परखी। करीब दो घंटे की जांच के बाद डीएम अधिकारियों के साथ जेल से बाहर निकली। मीडिया के सवालों के जवाब में डीएम ने कहा कि जो वीडियो वायरल हुआ है वह सुल्तानपुर कारागार का ही है।

कई अन्य पहलुओं की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सुल्तानपुर। डीएम सी. इंदुमती ने बताया कि जिला कारागार से जारी वीडियो वायरल के मामले में विस्तृत जांच के लिए चार प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की गई है।

टीम में अपर जिलाधिकारी प्रशासन हर्षदेव पांडेय, एसडीएम सदर रामजीलाल, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शिवराज व सीओ लंभुआ विजयमल यादव को रखा गया है।

बंदी बोले, बिना पैसा दिए खाना तक नहीं मिलता

जिला कारागार में भ्रष्टाचार की पोल बंदियों ने खोलकर रख दी है। बुधवार को कई बंदियों ने जिला कारागार में मिलने वाले सामानों की लिस्ट और उसका रेट कोट करते हुए डीजीपी और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भेजा है।

जिला कारागार में निरुद्ध बंदी राकेश यादव, राजन पासी, विशाल सिंह, शुभम सिंह ने बुधवार को जिला कारागार की दास्तां कविता के माध्यम से कहते हुए डीजीपी और मुख्यमंत्री से शिकायत की है।
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मुख्यमंत्री और डीजीपी को भेजे गए पत्र में बंदियों ने बताया है कि दूध, दही से लेकर रोटी तक का रेट फिक्स है। यदि रुपये न दें तो उन्हें भोजन तक नहीं दिया जाता है।
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