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अवध यूनिवर्सिटी से ही संबद्ध रहेंगे अमेठी के 46 कॉलेज

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अवध यूनिवर्सिटी से दोबारा संबद्ध होंगे अमेठी के 46 कॉलेज
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अमेठी। छत्रपति शाहूजी महराज यूनिवर्सिटी कानपुर से संबद्ध किए गए जिले के 46 महाविद्यालय अब फिर से अवध विश्वविद्यालय से जुड़ जाएंगे। अमेठी विधायक के नेतृत्व में सोमवार को महाविद्यालय प्रबंधक एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर कॉलेजों को अवध विश्वविद्यालय से ही पूर्ववत संबद्ध रखने की गुजारिश की थी।

मंगलवार को कैबिनेट की मीटिंग में योगी सरकार ने कॉलेजों को डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध रखने का प्रस्ताव पारित किया। सरकार के फैसले से संबंधित महाविद्यालयों के एक लाख छात्र-छात्राओं को सहूलियत मिलेगी।
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जिले में एक राजकीय, दो सहायता प्राप्त समेत कुल 46 महाविद्यालय संचालित हैं। इन महाविद्यालयों में लगभग एक लाख छात्र पढ़ाई करते हैं। पिछले दिनों शासन ने अमेठी जनपद के सभी महाविद्यालयों को छत्रपति शाहूजी महराज यूनिवर्सिटी कानपुर से संबद्ध कर दिया था।

इसके बाद महाविद्यालयों के प्रबंधतंत्र एवं छात्रों में उहापोह की स्थिति बनी हुई थी। अमेठी जनपद के अधिकांश कॉलेजों की दूरी अवध विश्वविद्यालय से लगभग 80 से 100 किलोमीटर है।

जबकि कानपुर विश्वविद्यालय की दूरी 120 से लेकर 150 किलोमीटर तक है। अभी तक जिले के सभी महाविद्यालय अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध थे। इसकी वजह से भी लोग अवध विश्वविद्यालय आने-जाने के अभ्यस्त थे।

कानपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध किए जाने के विरोध में महाविद्यालय प्रबंधक एसोसिएशन के सचिव अशोक सिंह, जितेंद्र सिंह व डॉ. पुष्पेंद्र सिंह महाविद्यालय के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने अमेठी विधायक गरिमा सिंह व उनके प्रतिनिधि अनंत विक्रम सिंह के नेतृत्व में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी।

इसमें उन्होंने छात्र हित में महाविद्यालयों को अवध विश्वविद्यालय से पूर्ववत संबद्ध रखने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री ने उनके पत्र पर कैबिनेट की मीटिंग में प्रस्ताव पारित कर अमेठी जनपद के सभी महाविद्यालयों को अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध रखने का निर्णय लिया है।

डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज दीक्षित ने कहा कि अमेठी के 46 कॉलेजों को लगभग दो माह पूर्व शासन के निर्देश पर कानपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध किया गया था।
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सरकार ने अपने निर्णय में सुधार करते हुए छात्र हित में फैसला लिया है। महाविद्यालय पहले से ही अवध विश्वविद्यालय से संबद्ध रहे हैं। शासन के निर्देश का अनुपालन किया जाएगा।
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